किस काम की ऐसी स्मार्ट सिटी

0
24

भोपाल, सडक़ों के मेंटेंनेस के नाम पर हर वर्ष करोड़ों रुपए सीपीए, पीडब्लूडी और नगर निगम द्वारा खर्च किया जाता है, उसके बाद भी इन विभागों को राहगीरों के सुरक्षा की चिंता नहीं है। राजधानी की लगभग सभी सडक़ों पर कोई न कोई कमियां देखने को मिल रही हैं। कुछ सडक़ों पर स्ट्रीट लाइट नहीं है तो कुछ पर हो चुके बड़े-बड़े गड्ढे लोगों के लिए मुसीबत का सबब बने हुए हैं। वहीं दूसरी ओर रोशनपुरा, रंगमहल, जवाहर चौक सहित सडक़ों पर लगे बैरिकेट्स टूटे होने के कारण लगातार हादसे की आशंका बनी रहती है।


रोशनपुरा चौराहा
राहगीर बातते हैं कि माता मंदिर से रोशनपुरा चौराहा आने वाली सडक़ पर बैरीकेट्स लगाए गए। ये बैरीकेट्स सडक़ दुर्घटनाओं और अन्य कारणों से कई वर्षों से टूटे पड़े हैं, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी ये बैरीकेट्स जस के तस टूटे पड़े हैं। रोशनपुरा चौराहा से रंगमहल की ओर आने वाली सडक़ पर बैरीकेट्स लगाए गए हैं। बैरीकेट्स की हालत देखकर कोई भी बता सकता है कि ये कितने पुराने हो चुके हैं। पीले रंग से रंगे बेरीकेट्सों से कलर तक उतर गया है साथ ही जगह-जगह टूटने के कारण राहगीर बीच से निकलने लगे हैं, जिस कारण वे सडक़ दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे हंै।
 
बैरीकेट्स के कारण चोटिल हो चुके हैं कई लोग

रोशनपुरा, रंगमहल, जवाहर चौक पर सडक़ों पर लगे बैरिकेट्स कई वर्षों से टूटे पड़े हैं। जिम्मेदार विभाग भी इन टूटे पड़े बैरिकेट्स का आज तक मेंटेनेंस नहीं करवा सका। ऐसे में कई बार लोग इस टूटे बैरीकेट्स से चोटिल हो चुके हैं। राहगीर अनिल कुमार ने बताया की मेरा इस मार्ग से अक्सर आना-जाना लगा रहता है।
कई वर्षों से इन टूटे हुए बैरिकेट्स को देख रहा हूं, उसके बाद भी जिम्मेदार विभाग को इन बैरिकेट्स पर ध्यान नहीं दिया। रोशनपुरा चौराहे पर टूटे बैरीकेट्स को लेकर लोगों का कहना है कि एक ओर जहां राजधानी की सडक़ों पर पुलिस प्वाइंट लगाकर दो और चार पहिया वाहनों की चेकिंग कर जनता की जेब ढीली कर रही है। सडक़ों पर टूटे बैरीकेट्स पर न यातायात पुलिस ने किसी विभाग को पत्र लिखा और न ही कोई अन्य समाधान किया। सभी को केवल जनता की जेब ढीली करने पर नजर टिकी रहती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here