ऑनलाइन जुर्माना नहीं भर रहे लोग

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भोपाल. शहर में स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए लगभग तीन करोड़ रुपए खर्च कर लगाए गए आईटीएमएस के हाई रिजोल्यूशन कैमरों ने पिछले एक साल में लगभग सवा लाख वाहनों को नियम तोड़ते पकड़ा। स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कार्पोरेशन के साथ काम करने वाली कंपनी टेक्नोसेस ने ट्रैफिक पुलिस की मदद से इन मामलों में वाहनों के रजिस्ट्रेशन वाले पते पर जुर्माना नोटिस भी भेजे लेकिन बदले में केवल 40 फीसदी लोगों ने जुर्माना चुकाया।
बाकी 60 प्रतिशत वाहनों में से 30 प्रतिशत ऐसे वाहन हैं जो दूसरे जिलों में रजिस्टर्ड हैं। स्मार्ट सिटी कंपनी ने इन वाहनों को नियम तोड़ते तो पकड़ लिया लेकिन इनसे जुर्माना राशि वसूलने में अब दिक्कतें आ रही हैं। कई पतों पर अब कोई और निवास करने लगा है तो अधिकतर पते किराए के मकान के मिले हैं। स्मार्ट सिटी कंपनी अब इन वाहन चालकों के रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस को निरस्त कराने न्यायालय जाने की तैयारी में है।


लिंक कर रहे सर्वर
लगभग दो साल से जारी इस कार्रवाई में कानूनी और तकनीकी पेंच सामने आने के बाद स्मार्ट सिटी अब प्रदेश भर की ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग के सर्वर से कनेक्ट कर रही है। दावा है कि भविष्य में प्रदेश के किसी भी जिले के वाहन को नियम तोड़ते पाए जाने पर नोटिस भेजा जाएगा और जवाब नहीं आने पर सीधे रजिस्ट्रेशन और ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त किया जा सकेगा।


फैक्ट फाइल
अब तक कितने जुर्माना नोटिस- 1 लाख 10 हजार की संख्या में
प्रकरणों में वसूली जाने वाली कुल राशि- 5 करोड़ 50 लाख रुपए
अब वाहन मालिकों से जुर्माना रिकवरी- 1 करोड़ 35 लाख रुपए
रेड लाइट जंप मामले- 30 हजार 139
बगैर हेलमेट- 55 हजार 300
ओवर स्पीडिंग- 3 हजार
तीन सवारी- 22 हजार


आईटीएमएस सिस्टम को अपग्रेड कर रहे हैं। संबंधित विभागों के सर्वर से लिंक लेकर डाटा शेयर किया जाएगा ताकि मनमानी पर रोक लगाई जा सके। जुर्माना नहीं देने वालों के खिलाफ न्यायालय से कार्रवाई होगी।


दीपक सिंह, सीईओ, स्मार्ट सिटी

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