ऐसे कैसे बचेगा तालाब, बन रहा रेस्टॉरेंट

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भोपाल. शहरवासियों को भोज वैटलैंड प्रोजेक्ट के काम समझाने बनाया गया जलतरंग तक अब व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स बनने जा रहा है। बड़ा तालाब किनारे बोट क्लब पर स्थित भवन में पहले से ही एक प्रसिद्ध कॉफी शॉप संचालित है, अब इसके दूसरे हिस्से को भी व्यवसासिक उपयोग के लिए देने की तैयारी है। हालांकि अभी ये पूरा काम सीपीए और एप्को अंदरूनी तरीके से कर रहे हैं, लेकिन इसके लिए जलतरंग के भवन को तैयार किया जा रहा है, जिसे देखते हुए इसे समझा जा सकता है। यदि जलतरंग में व्यवसायिक गतिविधि बढ़ी तो तालाब की सेहत के लिए ठीक नहीं होगा।


गौरतलब है कि बड़ा तालाब संरक्षण के लिए भोज वेटलैंड प्रोजेक्ट के कामों के बारे में आमजन को जागरूक करने ये जलतरंग बनाया गया था। इन्टरप्रिटेशन सेंटर के नाम से इसे पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन ;एप्कोद्ध ने 2004 में बनाया था। बाद में इसका संचालन सीपीए के सुपूर्द कर दिया।


मई 2004 में भोज वेटलैंड प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद इसे विकसित किया गया था। बच्चों को आकर्षित करने के लिए यहां कुछ गेम्स भी रखे गए थे। यहां मौजूद मॉडल, उपकरण, टच स्क्रीन खराब हो गई। मॉडल भी टूट गए। बजाय कि इन मॉडल को दुरूस्त करके पहले की तरह करने के यहां व्यवसायिक काम काज के लिए स्थान दिया जा रहा है। प्रोजेक्ट के मॉडल खराब होने की वजह से जल तरंग का भ्रमण करने वालों की संख्या में तेजी से कमी आई।
जलतरंग सबसे पहले सेंट्रल फॉर एनवायरमेंट एजूकेयान अहमदाबाद ने भोज वेटलैंड के तहत बनाया था। 2014 में इसका रिनोवेशन करने के बाद इसे एक कॉफी शॉप के लिए दिया गया। अब फिर से रिनोवेशन करके रेस्त्रां खोलने की कवायद है। शहरी विकास एवं आवास विभाग के तहत आने वाले इस जलतरंग के बारे में प्रमुख सचिव संजय दुबे संबंधित अफसरों से चर्चा करके स्थिति स्पष्ट करने की बात कह रहे हैं। मंत्री शहरी विकास एवं आवास जयवद्र्धनसिंह का कहना है कि रिनोवेशन किया जा रहा होगा। वे भी अभी इस बारे में जानकारी लेने की बात कह रहे हैं।

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