भदभदा, कलियासोत डैम खतरे का अड्डा

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भोपाल. राजधानी और आसपास के टूरिस्ट स्पॉट सैलानियों से गुलजार हो गए हैं। इनमें भदभदा डैम एवं कलियासोत डैम का किनारा सैलानियों की पसंद बना हुआ है। इन जगहों पर सैलानियों की बढ़ती संख्या के बाद भी यहां सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं। हालात ये है कि पानी किनारे और पहाडिय़ों पर सैलानियों की मौजूदगी बनी रहती है।
निगम अधिकारी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती का दावा करते हैं, पर हकीकत जुदा है। स्पॉट पर न तो सुरक्षाकर्मी होते हैं न अन्य सुरक्षा। कलियासोत डैम पर सिर्फ चेतावनी बोर्ड ही दिख रहे हैं। क्षेत्र में वन्य जीवों की मौजूदगी बनी रहती है।


प्रतिबंध सिर्फ नाम का


कलियासोत डैम किनारे मछली पकडऩे वाले बड़ी संख्या में रहते हैं। यहां लगे बोर्ड में साफ लिखा है मछली पकडऩा, नहाना, और सेल्फी लेना मना है, उसके बाद भी लोग दिनभर मछली पकड़ते रहते हैं। कुछ लोग तालाब किनारे होने वाले खतरों को भी दरकिनार कर देते हैं। इन पर न तो मत्स्य विभाग न ही निगम अमला कार्रवाई नहीं करता, जिस कारण लोगों को नियम तोड़ते आसानी से देखा जा सकता है।


सेल्फी कहीं मुसीबत न बन जाए


कलियासोत डैम और उसकी पहाडिय़ों पर खतरों को दरकिनार कर सैलानी सेल्फी लेने पहुंच जाते हैं। वन विभाग द्वारा प्रतिबंधित क्षेत्रों में सैलानियों को जाने से रोकने के लिए न तो फैंसिंग की गई है और न ही यहां सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। नतीजतन डैम एवं आसपास सैलानी उन स्थानों तक बेरोकटोक पहुंच जाते हैं, जहां जाना खतरे से खाली नहीं है। ऐसे में यह लापरवाही कभी भी भारी पड़ सकती है।

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