एक भी आईपीएस को नहीं मिला राष्ट्रपति पुलिस पदक

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भोपाल, दोपहर मेट्रो। प्रदेश में इस बार एक भी आईपीएस अधिकारी को राष्ट्रपति पुलिस पदक नहीं मिलेगा। ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी भी आईपीएस अधिकारी को पदक से सम्मानित नहीं गया। वहीं केंद्र सरकार ने 21 पदकों की घोषणा जरूर की है लेकिन यह सभी पदक राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों और कर्मचारियों को मिले। इनमें 4 विशिष्ट सेवा पदक और 17 सराहनीय सेवा पदक शामिल हैं। 15 अगस्त 2020 को भोपाल में आयोजित होने वाले मुख्य अलंकरण समारोह में इन सभी 21 अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा।


कई आईपीएस अफसरों के नाम भेजे थे: आईपीएस अधिकारियों को सम्मानित करने के लिए राज्य सरकार ने कई नाम गृह मंत्रालय को भेजे थे। इसके साथ ही इनको पुरस्कार क्यों दिया जाए इसकी भी पूरी जानकारी एक फॉर्मेट में दी गई थी। लेकिन गृह मंत्रालय ने एक भी नाम को पदक के लिए योग्य नहीं समझा। अब मध्यप्रदेश पुलिस के इतिहास में शायद ऐसा पहली बार है, जब एक भी आईपीएस अफसर को राष्ट्रपति का पुलिस पदक नहीं मिल रहा है।


सालों से नहीं मिल रहा वीरता पदक: पुलिस को हर साल की तरह इस साल भी राष्ट्रपति का वीरता पदक नहीं मिलेगा है। रिटायर्ड डीजीपी आरएलएस यादव ने बताया कि प्रदेश में न ही डकैत हैं और न ही कोई संगठित गिरोह। ऐसे में पुलिस अधिकारियों को एनकाउंटर करने का मौका नहीं मिलता। एक यही कारण है कि पुलिस अफसरों को वीरता पदक लेने का मौका नहीं मिल रहा है। इन पांच साल में मध्यप्रदेश पुलिस को एक भी वीरता पदक नहीं मिला है।


इन्हें मिलेंगे राष्ट्रपति का विशिष्ट सेवा पदक: केन्द्रीय गृह मंत्रालय की ओर से उप पुलिस अधीक्षक यातायात भोपाल मनोज कुमार खत्री, निरीक्षक (एम) पुलिस मुख्यालय भोपाल दत्तात्रेय प्रभाकर जुगादे, निरीक्षक (एम) ईओडब्ल्यू भोपाल अशोक केटी एवं प्रधान आरक्षक विशेष शाखा पुलिस मुख्यालय भोपाल रामशंकर द्विवेदी को राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक देने की घोषणा की गई है।

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