नई तकनीक के ट्रैफिक सिग्नल लगाने की प्रक्रिया में देरी से बिगड़े राजधानी में यातायात के हालात

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भोपाल के समक्ष खड़ा हुआ यातायात का संकट, लचर प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान

भोपाल। दोपहर मेट्रो, देश की सर्वाधिक स्वच्छ राजधानी का खिताब जीतने वाले भोपाल में अब यातायात की समस्या से जूझ रहा है। यहां पर प्रशासन की लचर व्यस्था के चलते लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। शहर के 62 तिराहे और चौराहों पर लगे ट्रैफिक सिग्नलों में 37 सिग्नल महीनों से बंद पड़े हैं। इनमें जो सिग्नल चालू भी हैं, वह आए रोज मेंटेनेंस के अभाव में बिगड़ जाते हैं। जिन्हें दोबारा चालू कराने ट्रैफिक पुलिस को मशक्कत करनी पड़ती है। इतना ही नहीं ट्रैफिक पुलिस जब सिग्नल लगाने वाली संबंधित एजेंसियों को बंद पड़े सिग्नल को सुधार के लिए आग्रह करती है तो दलील दी जा रही कि उनके मेंटेनेंस का टेंडर खत्म हो चुका है।


वहीं, शहर की कई एजेंसियां सिग्नल के उपकरण पुराने होने की बात कहकर पल्ला झाड़ ले रही हैं। सिग्नल नहीं चालू होने से तिराहे-चौराहे पर हर वक्त वाहन चालकों को हादसे का खतरा बना रहता है। वहीं, ट्रैफिक अस्त-व्यस्त हो जाता है। ऊर्जा विकास निगम, नगर निगम के 70 फीसदी सिग्नल बंद हैं।  जबकि इन्हीं दोनों एजेंसियों के सिग्नल शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे हैं। नगर निगम बीओटी का महज एक सिग्नल बंद है।

यहां बंद पड़े हैं सिग्नल
लिंक रोड-1 और 2 में लगे सिग्नल, रॉयल मार्केट, वीर सावरकर तिराहा कवाडख़ाना, काली मंदिर तिराहा, पीएचक्यू तिराहा, 1250 चौराहा, अल्पना तिराहा, पुराना एसपी ऑफिस, पिपलानी पेट्रोल पंप-2, डिपो चौराहा, बेस्ट प्राइज तिराहा, यूनियन कार्बाइड तिराहा, करोंद चौराहा, आईटीआई तिराहा, जेके रोड तिराहा, किलोल पार्क चौराहा, कमला पार्क पेट्रोल पंप चौराहा, चंचल चौराहा, बैरागढ़ फायर स्टेशन चौराहा, संतजी की कुटिया चौराहा, हलालपुर बस स्टैंड तिराहा, मिसरोद पुलिस थाना और चिनार फॉच्र्यून सिटी तिराहा में लगे ट्रैफिक पिछले तीन माह से छह माह से बंद हैं।  


कहां हैं यातायात कर्मी
सिग्नल बंद होने से पीक ऑवर टाइम में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को यातायात प्रबंधन के लिए तैनात किया जा रहा है। थोड़ी देर तक ड्यूटी करने के बाद पुलिसकर्मी तिराहे-चौराहे को अपने हाल में छोड़ देते हैं। इसकी बड़ी वजह बल की कमी है। ट्रैफिक पुलिस के पास पर्याप्त बल नहीं है।


इन्हें दे रखा है रखरखाव का ठेका

ऊर्जा विकास निगम: एनवायस प्राइवेट लिमिटेड, सीएमएस लिमिडेट कंपनी को सिग्नल के रखरखाव का ठेका दे रखा है।
नगर निगम: आर्क मीडिया, यमोटा प्राइवेट लिमिटेड के पास रखरखाव का काम। मेंटेनेंस नहीं कर रही हैं।
ननि बीआरटीएस: यमोटा प्राइवेट लिमिटेड, एनवायस प्राइवेट लिमिडेट के पास रखरखाव की जिम्मेदारी।
नगर निगम बीओटी:  आर्क मीडिया के पास इनके सिग्नल की रखरखाव की जिम्मेदारी है।


इन एजेंसियों के लगे सिग्नल

ऊर्जा विकास निगम 21 15
नगर निगम 13 09
ननि बीआरटीएस 19 12
नगर निगम बीओटी 09 01


इनका कहना है
वर्तमान में करीब 37 स्थानों के सिग्नल बंद हैं। मौजूदा सिग्नल क्यों बंद हैं, इन्हें लगाने वाली एजेंसियां ही बता सकती हैं। ट्रैफिक वाधित नहीं हो इसके लिए पुलिस बल तैनात किया जा रहा है।
प्रदीप सिंह चौहान,
एएसपी ट्रैफिक

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