पहले राजस्थान और बाद में कश्मीर के रास्ते, पाक में घुसने की फिराक में था प्यारे मियां

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नेता से लेकर अफसरों तक कई हुए प्यारे के हाथों उपकृत

दोपहर मेट्रो

भोपाल। प्यारे मियां ने अपनी कलई खुलने के बाद राजस्थान की सीमा पार करके पाकिस्तान में घुसने का मंसूबा साधा था। लेकिन उसके ड्रायवर की गल्ती से उसने इरादा बदला और कश्मीर का प्लान बनाया। प्यारे मियां ने बड़े अफसरों के साथ ही जनसंपर्क के दो पूर्व और एक मौजूदा अफसर को भी लड़कियां परोसी थी। कांग्रेस के एक बड़े उद्योगपति नेता का भी उसके साथ गहरा जुड़ाव रहा है।

सूत्रों के मुताबिक प्यारे मियां ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के निर्देशों के बाद भोपाल पुलिस के कड़े रूख को देखते हुए अपने मुंबई के डी कनेक्शन के सहारे पाकिस्तान में घुसने का मंसूबा साधा था। वह भोपाल से जयपुर के लिए रवाना हुआ था। लेकिन उसके ड्रायवर ने अपने मोबाईल से अपनी पत्नी को जैसे ही जयपुर जाने की बात बताई, प्यारे चौकन्ना हो गया। अगर वह चौकन्ना नहीं होता तो राजगढ़ में गिरफ्तार हो जाता क्योंकि मोबाईल सर्विलेंस में उसकी लोकशन पता चलने के बाद वहां पुलिस ने घेराबंदी कर ली थी। प्यारे मियां ने सतर्कता दिखाते हुए गाड़ी वापस पलटवाकर उसे सीहोर आष्टा की तरफ मोड़ दी।

आष्टा में उसने अपनी गाड़ी और ड्रायवर दोनों को ही वापस भोपाल लौटा दिया और टेक्सी लेकर मुंबई रवाना हो गया। आष्टा से मुंबई के बीच उसने तीन बार टेक्सी बदली। राजस्थान का प्लान फेल होने के बाद उसने मुंबई से दिल्ली फ्लाइट पकड़ी और फिर वहां से शिरीनगर जा पहुंचा। सीमा पार का इंतजाम होने तक वह वहां एक होटल में रूक गया था। लेकिन भोपाल पुलिस ने उसके रिश्तेदारों के फोन को सर्विलेंस पर ले रखा था, जिसके चलते प्यारे मिया की लोकेशन ट्रेस हो गई और भोपाल पुलिस की टिप्स पर कश्मीर पुलिस ने उसे दबोच लिया।

प्यारे मियां ने भोपाल के एक बड़े अखबार में कम्पोजिंग यूनिट से अपने कैरियर का आगाज किया था। वह बहुत कम समय में उसने अपने सेवा भाल से अखबार प्रबंधन को शीशे में उतार लिया। इसके बाद उसने पीछे मुडक़र नहीं देखा भोपाल में उलझी जमीनों की खरीद फरोख्त में उसकी खासी रूचि थी। भोपाल के बड़े अखबार से नाता टूटने के बाद उसने स्वयं का अखबार दैनिक अफकार शुरू किया। सूत्रों की माने तो नव्वे के दशक में उसके तार मुंबई के अंडर वल्र्ड से जुड़ गए थे। उसी के सहारे उसने तेजी से तरक्की करते हुए अफकार का इंदौर एडीशन भी खोल लिया।

इंदौर में मुंबई कनक्शनों और बड़े अफसरों की मदद से उसने इंदौर में अपने पंख फैलाते हुए बेशुमार दौलत कमाई। प्यारे मियां शराब और शवाब का खुद भी शौैकीन था और दूसरों को परोसकर अपने काम निकालने के फन में माहिर था। जो शराब से पट जाए तो ठीक नहीं तो शवाब के समंदर में डुबाकर अपने काम निकालता था। अफकार को धड़ाधड़ विज्ञापन मिलते थे। जनसंपर्क के संचालक स्तर के दो पूर्व अफसर और नाथ सरकार के दौरान सक्रिय रहे एक अफसर को भी उसने शीशे में उतार रखा था। कांग्रेस के भोपाल के एक कारोबारी नेता के जरिए उसने बड़े कांग्रेसी नेताओं से तार जोड़ रखे थे। सूत्रों की माने तो पुलिस प्यारे मियां से पूछताछ पूरी होने के बाद उसके ऐसे सारे कनेक्शनों को खंगालकर उन्हें पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी में हैं जो शराब और शबाब के खेल में शरीक होकर उसके मददगार बनते थे।

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