राज्य निर्वाचन आयोग की पीएस रेवेन्यू, मतपत्र छपाई की तैयारी शुरू

भोपाल :सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद प्रदेश में नगरीय एवं पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हो गई है। आज की स्थिति में नगरीय निकाय चुनाव में महापौर और अध्यक्ष का चुनाव सीधे न होते हुए पार्षदों के माध्यम से किया जाना है। लेकिन, सूत्रों के मानें तो सरकार जल्द ही इस मामले पर कोई नया फैसला ले सकती है।

नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव के लिए तैयारियां तेज हो गई है। आज राज्य निर्वाचन आयुक्त बीपी सिंह और सचिव राज्य निर्वाचन आयोग राकेश सिंह ने राजस्व विभाग एवं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी और गवर्नमेंट प्रेस के कंट्रोलर श्रीमन शुक्ला से चर्चा कर मतपत्र, लिफाफे और चुनाव सामग्री की छपाई को लेकर चर्चा की। उधर नगरीय निकाय चुनाव में महापौर और अध्यक्ष के चुनाव फिलहाल अप्रत्यक्ष रूप से ही होंगे। जनता सीधे उन्हें नहीं चुनेगी बल्कि पार्षद उनका चुनाव करेंगे।

राज्य निर्वाचन आयुक्त बीपी सिंह से आज मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी ने मुलाकात की। आयुक्त सिंह ने उन्हें कहा कि पंचायत आम निर्वाचन के लिए मतपत्रों के लिए सफेद, नीले, पीले और गुलाबी रंग के कागजों की व्यवस्था जिलों की मांग के अनुरूप करें। मतपत्र मुद्रण का इंतजाम किया जाए प्रारूप पत्र, लिफाफे का इंतजाम किया जए। जिले की मांग के अनुरूप मुद्रण की व्यवस्था करें। पीएस राजस्व मनीष सिंह ने उन्हें आश्वासन दिया कि सभी काम समयसीमा के भीतर कराए जाएंगे।  नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने भी राज्य निर्वाचन आयुक्त बीपी सिंह से मुलाकात की।

अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाएंगे मेयर-अध्यक्ष
कांग्रेस सरकार के शासनकाल में किए गए संशोधन के अनुसार ही इस बार नगरीय निकाय चुनावों में महापौर और अध्यक्ष के अप्रत्यक्ष चुनाव कराए जाएंगे। भाजपा सरकार ने इस संशोधन में अब तक किसी तरह का संशोधन नहीं कराया है इसलिए बिना संशोधन के पूर्व की यथा स्थिति बरकरार है। नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव मनीष सिंह का कहना है कि महापौर और अध्यक्ष के चुनाव प्रक्रिया में बदलाव के लिए किसी तरह का अध्यादेश विभाग ने प्रस्तावित नहीं किया है। इसलिए पुराने विधेयक और संशोधन के मुताबिक ही चुनाव कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष सिंह का भी कहना है महापौर और अध्यक्ष के सीधे चुनाव कराने का कोई प्रस्ताव सरकार की ओर से प्रस्तावित नहीं किया गया है।

आरक्षण के बाद अधिसूचना जारी करने मिलेगा एक सप्ताह का समय
राज्य निर्वाचन आयोग ने दोनो निकायों की अद्यतन आरक्षण रिपोर्ट 25 मई तक देने को कहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सभी कलेक्टरों को पंचायतों के आम चुनाव, सरपंच, पंच, जनपद पंचायत के निर्वाचन क्षेत्रों और अध्यक्ष तथा जिला पंचायत के निर्वाचन क्षेत्रों में ओबीवी आरक्षण कराने के लिए आदेश जारी कर दिए है। आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होंने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव की अधिसूचना जारी करने के लिए एक सप्ताह का समय और मिलेगा।

जिलों में होगा प्रशिक्षण
राज्य निर्वाचन आयोग चुनावों के लिए 17 मई को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए एक बार प्रशिक्षण का आयोजन मैदानी अफसरों के लिए किया था। इसके बाद दूसरे दौर का प्रशिक्षण एक बार और होना है। जिलों में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों से जुड़े अफसरों का चुनाव के लिए मैदानी स्तर पर प्रशिक्षण जिलों में ही किया जाएगा।

अफसरों को व्यवस्था करने निर्देश
राज्य निर्वाचन आयुक्त मैदानी अफसरों से लगातार वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बात कर रहे है।  चुनाव से  जुड़े अधिकारियों से मतपत्र की व्यवस्था, लाजिस्टिक, मैनपावर डिप्लायमेेंट और प्रशिक्षण के लिए चर्चा की जा रही है। इसके अलावा मतदान केन्द्र और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मौजूदा व्यवस्था और आगे की जरुरत पर भी चर्चा हो चुकी है।

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