मुख्यमंत्री ने बुरहानपुर कलेक्टर को लगाई फटकार, हरदा को सौंपी जांच

भोपाल । वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान इधर-उधर देखने और किसी से बात करने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुरहानपुर कलेक्टर प्रवीण सिंह अठायच को जमकर फटकार लगाई। कलेक्टर से कहा जब हम बोल रहे हैं, तो तुम्हें बोलने का अधिकार नहीं है। वहीं हरदा में भू-अधिकार पत्र की हितग्राही शशि परते को निर्धारित से कम मात्रा में खाद्यान्न् मिलने पर कलेक्टर ऋ षि गर्ग से शुक्रवार को रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा मिस्टर कलेक्टर टीम भेजकर जांच कराओ। मुख्यमंत्री से चर्चा में शशि परते ने बताया कि प्रधानमंत्री की ओर से दिया जा रहा पांच किलो प्रति व्यक्ति अनाज उन्हें आज तक नहीं मिला है। ‘मुख्यमंत्री नगरीय भू-अधिकार” योजना के तहत गुरुवार को मुख्यमंत्री हितग्राहियों को भू-अधिकार पत्र और स्थाई पट्टे वितरित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। केंद्र और राज्य की योजनाओं को मिलाकर परते के परिवार को 50 किलो अनाज हर माह मिलना था।

1428 रुपये में मिल गई कब्जे की भूमि

मुख्यमंत्री ने भू-अधिकार पत्र और स्थाई पट्टे पाने वाले हितग्राहियों से बात करते हुए कहा अब आपको कोई तंग नहीं करेगा। यह जमीन आपकी है। अपनी जमीन पर घर बनाकर रहें। जिंदगी के हर मोड़ पर सरकार आपके साथ है।

उन्होंने बालाघाट के अनिल मिश्रा से पूछा, कब से कब्जा था। मिश्रा ने बताया तीन पीढ़ी से कब्जा था। 1428 रुपये भू-भाटक देकर जमीन मिल गई है।

– बड़वानी के हरिओम आटो चालक हैं। वे 30 साल से 37.29 वर्गमीटर भूमि पर काबिज हैं। 12 हजार 791 रुपये भू-भाटक लेकर उन्हें भूमि का पट्टा दिया गया। कलेक्टर ने बताया कि इस भूमि की कीमत दो लाख से अधिक है। हरिओम ने बताया बेटी की पढ़ाई संबल योजना के तहत करा रहे हैं।

– हरदा की शशि परते ने बताया 35 साल से कब्जा है। आज अधिकार मिलने से अच्छा लग रहा है। उन्होंने कहा बेटी की शादी की चिंता है, तो मुख्यमंत्री ने कहा चिंता क्यों करते हो। मैं तो हूं। ये अधिकार पत्र है अब सीना तानकर कहो, ये मेरी है।

मुरैना के जितेंद्र शाक्य रिक्शा चालक हैं। वे बताते हैं कि 20 साल से कब्जा था, निकाय के कर्मचारी और दबंग परेशान करते थे। जितेन्द्र ने बताया बेटी नेहा डाक्टर बनना चाहती है। मुख्यमंत्री ने नेहा से भी बात की।

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