CJP की प्रेस वार्ता में केंद्र पर बरसे सौरव दास और आशुतोष रांका, बोले- देश में आपातकाल जैसे हालात

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 11 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में सौरव दास और आशुतोष रांका ने दावा किया कि राजधानी में प्रदर्शन रोकने के लिए बड़े पैमाने पर पाबंदियां लगाई गईं और आंदोलन से जुड़े लोगों को हिरासत में लिया गया। नेताओं ने मौजूदा हालात की तुलना आपातकाल से करते हुए सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए।

‘देश में आपातकाल जैसे हालात’, सरकार पर लगाए आरोप
CJP नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली में भारी सुरक्षा व्यवस्था, सड़कों पर बैरिकेडिंग और परिवहन सेवाओं पर पाबंदियों के कारण आम लोगों को परेशानी हुई। सौरव दास ने कहा कि देश में ऐसे हालात दिखाई दे रहे हैं, जो आपातकाल की याद दिलाते हैं। नेताओं के मुताबिक, इन कदमों का उद्देश्य उनके युवा आंदोलन को कमजोर करना और प्रदर्शन को नकारात्मक रूप में पेश करना है। ये आरोप CJP नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।

हिरासत और मोबाइल फोन को लेकर दिल्ली पुलिस पर सवाल
प्रेस वार्ता में सौरव दास और आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि दिल्ली पहुंचने पर पुलिस ने उन्हें विमान से ही हिरासत में ले लिया। दास के मुताबिक, हिरासत के दौरान उनके मोबाइल फोन ले लिए गए और उन्हें वकील से संपर्क करने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फोन जब्त करने से संबंधित जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए।

CJP नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई को अनुचित बताते हुए इसकी जांच की मांग की। इन आरोपों पर दिल्ली पुलिस का पक्ष और स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ा संगठन
CJP का प्रमुख मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को वापस लेने की मांग है। संगठन का आरोप है कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।

CJP नेताओं ने केंद्र सरकार पर मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों और SIR के प्रभाव का आकलन आधिकारिक आंकड़ों तथा संबंधित पक्षों के जवाब के आधार पर किया जाना चाहिए।

आंदोलन जारी रखने का ऐलान
CJP नेताओं ने कहा कि हिरासत और पुलिस कार्रवाई के बावजूद वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे। संगठन ने युवाओं और नागरिक समूहों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। नेताओं का कहना है कि उनका उद्देश्य चुनाव आयोग की जवाबदेही और मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।

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