पानी में तैरता नजर आता है जहाज महल, रानी रूपमती और बाज बहादुर की प्रेम कहानी समेटे है मांडू

ऐतिहासिक विरासत, खूबसूरत पहाड़ियों, हरियाली और प्रेम की अमर दास्तान का अनुभव करना चाहते हैं, तो धार जिले का मांडू आपके लिए शानदार पर्यटन स्थल है। यहां स्थित जहाज महल पानी में तैरते जहाज जैसा दिखाई देता है, जबकि रानी रूपमती और बाज बहादुर की प्रेम कहानी इस ऐतिहासिक नगरी को खास पहचान देती है। अक्टूबर के अंतिम दिनों और नवंबर की शुरुआत में सुहावने मौसम के बीच मांडू घूमने का आनंद और बढ़ जाता है।

दो तालाबों के बीच खड़ा है अनोखा जहाज महल
मांडू का जहाज महल अपनी अनूठी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। मुंज तालाब और कपूर तालाब के बीच बनी यह दो मंजिला इमारत पानी में तैरते जहाज जैसी दिखाई देती है। सुल्तान गयासुद्दीन खिलजी के शासनकाल में निर्मित इस महल की लंबाई करीब 110 मीटर बताई जाती है। पानी में महल की परछाईं और इसके खुले मंडप, छज्जे तथा मेहराब पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

रानी रूपमती और बाज बहादुर की अमर प्रेम कहानी
मांडू की पहचान रानी रूपमती और बाज बहादुर की प्रेमगाथा से भी जुड़ी हुई है। इतिहास और लोककथाओं में दोनों के प्रेम, संगीत और विरह की कहानियां प्रचलित हैं। पहाड़ी पर स्थित रूपमती मंडप से नर्मदा घाटी और दूर तक फैले प्राकृतिक दृश्यों का मनमोहक नजारा दिखाई देता है। सूर्यास्त के समय यहां का दृश्य खास तौर पर आकर्षक होता है।

बाज बहादुर का महल भी मांडू के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में शामिल है। इसके विशाल आंगन, ऊंची छतें और आसपास की पहाड़ियों के दृश्य मध्यकालीन स्थापत्य की झलक प्रस्तुत करते हैं।

हिंडोला महल और जामा मस्जिद भी हैं खास
मांडू की यात्रा के दौरान हिंडोला महल, अशर्फी महल, जामा मस्जिद और होशंग शाह का मकबरा भी देखा जा सकता है। हिंडोला महल अपनी झुकी हुई दीवारों के कारण अलग पहचान रखता है। वहीं, जामा मस्जिद की विशाल संरचना और होशंग शाह के मकबरे की संगमरमर की वास्तुकला इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों को आकर्षित करती है।

कैसे पहुंचें मांडू?
मांडू मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित है। यहां पहुंचने के लिए इंदौर सबसे सुविधाजनक प्रमुख शहरों में से एक है।
हवाई मार्ग: इंदौर का देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट निकटतम प्रमुख हवाई अड्डा है।
रेल मार्ग: इंदौर और रतलाम प्रमुख नजदीकी रेलवे स्टेशन हैं।
सड़क मार्ग: इंदौर से धार होते हुए सड़क के रास्ते मांडू पहुंचा जा सकता है। इंदौर से दूरी लगभग 95 किलोमीटर है।

ठहरने और स्थानीय खानपान का भी लें आनंद
मांडू में पर्यटकों के लिए होटल, गेस्ट हाउस और रिसॉर्ट उपलब्ध हैं। यहां घूमने के साथ स्थानीय मालवी व्यंजनों का स्वाद लेना भी यात्रा को खास बना सकता है। दाल-पानिया मांडू के लोकप्रिय पारंपरिक व्यंजनों में शामिल है।

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