गौपालक महिलाओं ने सुनाई सफलता की कहानी तो पीएम मोदी हुए मुरीद, बेटियों की शिक्षा को लेकर दी खास सलाह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने गुजरात दौरे के दौरान बनासकांठा के भिलडी स्थित भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (BBBRC) पहुंचे। यहां उन्होंने महिला डेयरी किसानों और गौपालक महिलाओं से मुलाकात की। इस दौरान महिलाओं ने पशुपालन और डेयरी व्यवसाय से जुड़कर अपनी जिंदगी में आए बदलावों की कहानी प्रधानमंत्री के साथ साझा की। उनकी उपलब्धियां सुनकर पीएम मोदी काफी प्रभावित नजर आए।

प्रधानमंत्री ने इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। उन्होंने लिखा कि बनासकांठा में हुई यह बातचीत बेहद खुशी देने वाली है। कृषि, डेयरी और पशुपालन किस तरह महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ा रहे हैं, यह देखकर अच्छा लगता है।

नर्मदा का पानी पहुंचा तो बदली किसानों की किस्मत
बातचीत के दौरान एक महिला ने प्रधानमंत्री को बताया कि नर्मदा नहर का पानी उनके खेतों तक पहुंचने से खेती की तस्वीर बदल गई। पहले उनके परिवार को लगता था कि खेतों तक पानी कभी नहीं पहुंचेगा, लेकिन नहर बनने के बाद कच्छ के रण तक पानी पहुंचने लगा। महिला ने इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया और बताया कि सिंचाई की सुविधा ने किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

गोबर बना कमाई का नया जरिया
एक अन्य महिला ने गोबरधन योजना का जिक्र करते हुए बताया कि पहले पशुओं के गोबर को बेकार समझा जाता था और उससे उपले बनाए जाते थे। लेकिन अब गोबर का इस्तेमाल आमदनी बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। पशुओं का गोबर अब उनके लिए आय का एक अतिरिक्त स्रोत बन गया है। महिला की बात सुनकर पीएम मोदी ने हल्के-फुल्के अंदाज में मजाक भी किया।

पीएम मोदी ने दी बेटियों को पढ़ाने की सलाह
महिलाओं की सफलता की कहानियां सुनने के बाद प्रधानमंत्री ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि सभी महिलाएं खूब प्रगति करें और बनासकांठा को आगे लेकर जाएं। साथ ही उन्होंने बेटियों की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि उन्हें पढ़ाने में कभी कोई कमी नहीं रखनी चाहिए।

पीएम मोदी ने कहा कि बेटियां पढ़-लिखकर आगे आएंगी तो समाज और परिवार में बड़ा बदलाव आएगा। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि बेटियों को घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें शिक्षा और आगे बढ़ने के पूरे अवसर दें।

महिला सशक्तिकरण की बन रही नई मिसाल
प्रधानमंत्री के साथ हुई इस बातचीत में ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता, पशुपालन, सिंचाई और कृषि से जुड़े अनुभव सामने आए। इन महिलाओं की कहानियां बताती हैं कि डेयरी और पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles