मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार, 2 नवंबर को मंत्रालय में श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की कार्यसमिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास के साथ न्यास की आगामी कार्ययोजनाओं पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने उज्जैन में भगवान श्रीकृष्ण पर केंद्रित अत्याधुनिक रिसर्च लाइब्रेरी स्थापित करने के निर्देश दिए।
शोध और सांस्कृतिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में स्थापित होने वाली रिसर्च लाइब्रेरी में दुर्लभ पांडुलिपियों और शोध पत्रों का संग्रह किया जाएगा। इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, विचारों और शिक्षाओं पर केंद्रित शोध, वृत्तचित्र, नाटक और संगीत श्रृंखलाओं के लिए समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं यूट्यूब चैनल शुरू करने की योजना बनाई जाए। उन्होंने कृषि, गौ-संवर्धन और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी कलाओं एवं विद्याओं पर प्रादेशिक और राष्ट्रीय स्तर पर विचार सत्र तथा संगोष्ठियां आयोजित करने पर भी जोर दिया।
श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन के सांदीपनि गुरुकुल में शिक्षा ग्रहण की थी। प्रदेश के विभिन्न स्थानों से भी उनकी यात्राओं के प्रसंग जुड़े हुए हैं। ऐसे सभी स्थलों का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। इन्हें तीर्थ के रूप में विकसित किया जाए। इन कार्यों में कृष्ण भक्ति से जुड़ी संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाए।
मंदिरों की आय से गौशालाओं और गांवों का होगा विकास
मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के मंदिरों के संरक्षण, संवर्धन और बेहतर प्रबंधन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंदिरों से जुड़ी भूमि का उपयोग कृषि और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए करने की कार्ययोजना तैयार की जाए। बड़े मंदिरों की आय के एक हिस्से का उपयोग आसपास की गौशालाओं और वृंदावन गांवों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में किया जा सकता है। मंदिरों में मौजूद जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार और संरक्षण के लिए जल गंगा अभियान के अंतर्गत कार्य किए जाएं।
3200 से अधिक मंदिरों के विकास कार्यों की समीक्षा
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 3200 से अधिक मंदिरों के रखरखाव, प्रवेश द्वारों के निर्माण और श्रीकृष्ण पाथेय से जुड़ी जल संरचनाओं के संरक्षण के लिए निर्देश जारी किए जा चुके हैं। उज्जैन स्थित सांदीपनि आश्रम के विकास एवं जीर्णोद्धार के लिए भूमि-पूजन भी हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने नारायण धाम महिदपुर, श्रीकृष्ण धाम छतरपुर, जानापाव महू (इंदौर), अमझेरा (धार), मां जागेश्वरी लोक (चंदेरी), श्रीकृष्ण राधा लोक (पन्ना) और रायसेन जिले की जमगढ़ पहाड़ियों में जारी विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
बैठक में संस्कृति राज्य मंत्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी वर्चुअली शामिल हुए। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, शिवशेखर शुक्ला, अनुपम राजन और मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

