वन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को अब विस्थापन पर मिलेगा 15 लाख रुपये मुआवजा

भोपाल । प्रदेश में राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य और टाइगर रिजर्व के कारिडोर से ग्रामों के पुनर्वास के लिए प्रति परिवार मुआवजा राशि अब 15 लाख रुपये दी जाएगी। वन विभाग की ग्रामों के पुनर्वास के लिए मुआवजा योजना को निरंतर रखने की स्वीकृति मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में दी गई। साथ ही ग्वालियर विमानतल के विस्तार के लिए ग्राम लोहारपुर स्थित 143 एकड़ शासकीय भूमि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को एक रुपये वार्षिक भू-फाटक पर देने का निर्णय लिया गया।

कैबिनेट के निर्णय की जानकारी देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि संरक्षित वन क्षेत्रों से ग्राम के पुनर्वास के लिए मुआवजा पैकेज की राशि प्रति परिवार दस लाख रुपये थी, जिसे पांच लाख रुपये बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया है। इसके अलावा छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय का नाम बदलकर राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय, छिंदवाड़ा करने के लिए विधानसभा के शीतकालीन सत्र में संशोधन विधेयक प्रस्तुत करने की स्वीकृति दी गई। इसी तरह अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर अशासकीय व्यक्ति की पदस्थापना भी की जा सकेगी। इन्हें शासन के सचिव स्तर के अधिकारी को मिलने वाली सुविधाएं मिलेंगी। बैठक में ग्वालियर व्यापार मेले के प्रबंधन तथा नियंत्रण के लिए ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण संशोधन विधेयक विधानसभा में प्रस्तुत करने की अनुमति दी गई।

विधानसभा सत्र के बाद होगी मंत्रिमंडल की चिंतन बैठक

कैबिनेट बैठक में यह तय किया गया कि मंत्रिमंडल की चिंतन बैठक विधानसभा के शीतकालीन सत्र के बाद की जाएगी। यह बैठक भोपाल के बाहर होगी। इसमें सभी मंत्रियों के कामकाज से लेकर विभागीय गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव को मद्देनजर रखते हुए कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी। इसके पहले सीहोर के कोलार गेस्ट हाउस में बैठक हुई थी।

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