नई दिल्ली,चंडीगढ,एजेंसी || पंजाब में प्रचंड बहुमत वाली कांग्रेस की कश्ती ऐन चुनाव के पूर्व जिस तरह हिचकोले खा रही है उसने सस्पेंस पैदा कर दिया है कि सीएम केप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिध्दू के बीच सुलह कैसे होगी या अघोषित जंग का विजेता कौन होगा। सिध्दू को पीसीसी चीफ बनाने की सुगबुगाहट से केप्टन बुरी तरह नाराज हैं तो सिध्दू भी आज सोनिया से मिलने दिल्ली रवाना हो गये हैं। हाल में उन्होंने आम आदमी पार्टी के विजन का तारीफ करके कांग्रेस को परेशान कर रखा है।

जानकारी के मुताबिक सिध्दू दिल्ली में आज पार्टी की चीफ सोनिया गांधी से उनके आवास पर मुलाकात करेंगे। इस दौरान पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत भी मौजूद रहेंगे।उम्मीद है कि इस मुलाकात के बाद सिद्धू कोई बडा फैसला करेंगे। उनके निकटवर्ती सूत्रों के अनुसार- सिद्धू रात भर नहीं सोए और सुबह 6 बजे ही पटियाला से दिल्ली रवाना हो गए। वे सोनिया गांधी के बाद प्रियंका गांधी से भी मुलाकात करेंगे। दरअसल कल शाम सिद्धू को पार्टी का प्रदेश प्रधान बनाए जाने की खबरों से नाराज कैप्टन ने पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को फोन कर कहा है कि पंजाब में 2022 का विधानसभा चुनाव उन्हीं की नुमाइंदगी में लडा जाएगा। कैप्टन ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष भी उनकी मर्जी से ही बनेगा।केप्टन ने आश्वस्त किया है कि कांग्रेस पंजाब में पिछले विधानसभा चुनाव का इतिहास दोहराएगी।
बताया जाता है कि सिद्धू अब चुनाव प्रचार समिति का प्रधान और कार्यकारी समिति का सदस्य बनाए जाने की बात से उखड़ गये हैं। सिद्धू ने अपने समर्थक कैबिनेट मंत्री और विधायकों के साथ बैठक में तय किया है कि वे एक दो-दिन में आलाकमान से बात करेंगे, जिसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। वहीं गुरुवार को सियासी धुर विरोधी नवजोत सिंह सिद्धू के कांग्रेस प्रधान बनाए जाने की खबरों से कैप्टन अमरिंदर सिंह इतना नाराज हो गए कि उनके इस्तीफे की खबर चलने लगी। कुछ देर बाद कैप्टन के मीडिया सलाहकार ने ट्वीट कर उनके इस्तीफे की खबर को खारिज कर दिया।

