केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ली भाजपा नेताओं की बैठक

भोपाल। भाेपाल पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री कुछ अलग ही अंदाज में दिखाई दिए। बीजेपी कार्यालय जुलूस के रूप में जाते समय वह कार का गेट खाेलकर खड़े हाेकर सभी का अभिवादन स्वीकार करते हुए चल रहे थे। काफीले के दाेनाें तरफ भीड़ काे जमा देख सुरक्षाकर्मी भी दाैड़ते हुए साथ में चल रहे थे। स्वागत करने वालाें में केवल कार्यकर्ता ही नहीं थे, बल्कि महिलाएं भी शामिल थीं। कश्मीरी पंडित, मुस्लिम महिलाओं ने भी केंद्रीय गृहमंत्री का जाेरदार स्वागत किया गया। भाजपा कार्यालय में केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने नेताओं की बैठक ली और इसके बाद शाम 7 बजे एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का रोड शो प्रणामी मंदिर से प्रारंभ होकर भाजपा कार्यालय तक पहुंचा। यहां पर पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने गर्मजाेशी से नारेबाजी करते हुए गृहमंत्री का स्वागत किया। भाजपा के तमाम वरिष्ठ नेता भी इस दाैरान बीजेपी मुख्यालय पर माैजूद थे। इससे पहले अमित शाह ने जंबूरी मैदान में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि जंगलों का मालिक आदिवासियो को बनाया जा रहा है। मप्र में वन ग्राम को राजस्‍व ग्राम बनाना बड़ा फैसला है। सीएम शिवराज आदिवासियों को समृद्ध बना रहे हैं। मध्यप्रदेश में 21 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति की आबादी रहती है। जब तक जनजाती भाइयों-बहनों का कल्याण नहीं होता, प्रदेश का कल्याण नहीं होता। गृहमंत्री ने मुख्‍यमंत्री शिवराज की तारीफ करते हुए कहा कि पहली बार देश में कोई राज्य सरकार जंगलों का मालिक जनजाति भाइयों को बनाने का काम कर रही है। पहली बार जंगल से जो भी कमाई होती है, इसका 20 प्रतिशत हिस्सा वन समिति के हाथ में सौंपकर आपको इसका सीधा मालिक बनाने का काम किया है। आज एक ही बार में 827 वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों को परिवर्तन किया है। ये आपके जीवन में बहुत बड़ा परिवर्तन लाने का फैसला है। राज्य में हमारा भी हिस्सा है इस अधिकार के साथ आज यहां से जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की जो विचारधारा है गरीब से गरीब को अधिकार मिले, उस स्वप्न को आप साकार करने का काम कर रहे हैं।

यह बात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भाेपाल में जंबूरी मैदान में आयाेजित वन समितियाें के सम्मेलन काे संबाेधित करते हुए कही। इस अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस की राशि वितरित की। इस मेगा सम्‍मेलन में करीब एक लाख लोग जमा हुए हैं। कार्यक्रम में मंच पर गृहमंत्री अमित शाह के साथ मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा उनके कैबिनेट सहयोगी, केंद्रीय नागरिक उड्ययन मंत्री ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, राज्‍यमंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल, फग्‍गन सिंह कुलस्‍ते, निशिथ प्रमाणिक, भाजपा के प्रदेशाध्‍यक्ष वीडी शर्मा, सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर आदि ने मौजूदगी दर्ज कराई। कार्यक्रम के शुभारंभ के मौके पर सीएम शिवराज ने पौधा भेंट कर गृहमंत्री शाह का अभिनंदन किया। कार्यक्रम स्‍थल पर आदिवासी कलाकारों द्वारा रंगारंग लोकनृत्‍य कार्यक्रम पेश कर गृह मंत्री का स्‍वागत किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एंव मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘वन समितियों का सम्मेलन’ में हितग्राहियों को तेंदूपत्ता के लाभांश का वितरण किया। मध्यप्रदेश के 26 जिलों में स्थित 28 वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तन के निर्णय की प्रक्रिया का शुभारंभ रिमोट के माध्यम से किया गया।

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि मैं शिवराज जी और उनकी टीम को जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए शुरु किए फैसलों के लिए बधाई देता हूँ। प्रदेश सरकार द्वारा जनजातीय हितों के लिए किये गये काम अब रुकने वाले नहीं है।

इससे पूर्व कार्यक्रम में उपस्‍थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ये जल, जमीन, जंगल आपके हैं। अब जंगल आप ही बचाओगे। जंगल आपको सौंप दिए गए हैं, वन विभाग सिर्फ सहयोग करेगा। जंगल की लकड़ी जितने में बिकेगी, उसका 20 फीसदी आदिवासियों को मिलेगा। वन ग्राम अब राजस्‍व ग्राम बनेंगे। एमपी में कोई बिना जमीन के नहीं रहेगा। गरीबों को जमीन का मालिक बनाया जाएगा। पेसा एक्ट क्रमश: मप्र में लागू किया जाएगा, मप्र में यह प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। सामुदायिक वन प्रबंधन का अधिकार एक क्रांतिकारी कदम है। जंगल से जो लकड़ी निकलेगी, उसकी आय आप ही प्राप्त करोगे। जंगल बदलने की प्रक्रिया ग्रााम सभा करेगी, मप्र ने अपने वनवासी भाई-बहनों को जंगल सौंपने का काम किया है। वन विभाग केवल सहयोग करने का काम करेगा। तेंदूपत्ते का बोनस बांटने का काम शुरू किया है। आज 125 करोड़ रुपए 22 लाख तेंदूपत्ता तोड़ने वाले गरीबों के खाते में जाना प्रारंभ होगा, लाभांश आपको होगा। ये अभी तक नहीं होता था, वन ग्राम में रहने वाले किसान भाइयों अब प्राकृतिक आपदा होने पर आपको पर्याप्त मुआवजा देने का अधिकार होगा। अब वन ग्राम राजस्व ग्राम बन जाने से आपके पास जो जमीन है उसके खाते बनेंगे, किस्तबंदी होगी, खसरा-नक्शा आपको प्राप्त होंगे, नामांतरण, बंटवारा होगा। 9 महीने पहले अमित शाह जी जबलपुर आए थे तब हमने हमने जनजाति भाई बहनों की जिंदगी बदलने वाले 14 फैसले किए थे। मैं गर्व से कह रहा हूँ की जो फैसले हमने जबलपुर में किए थे आज एक-एक करके उनको जमीन पर उतार रहे हैं।।

मंत्रियों की लेंगे बैठक

सम्मेलन के बाद अमित शाह प्रदेश भाजपा मुख्यालय पहुंचेंगे। यहां करीब एक घंटे रुकेंगे। इस दौरान प्रदेश के मंत्रियों, पदाधिकारियों और पार्टी के नेताओं की अनौपचारिक बैठक लेंगे। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर शाह कुछ टिप्स भी देंगे।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles