भाजपा चुनावी मोड में

भोपाल : चुनावी मोड में आ चुकी भाजपा अब सत्ता और संगठन के तालमेल के जरिये संगठनात्मक कामों में तेजी लाने के साथ फील्ड में पदस्थ अफसरों के फीडबैक भी सरकार को देगी। इसकी शुरुआत सोमवार से हो गई है और 17-17 जिलों की जिला प्रबंध समितियों से एक-एक करके फीडबैक लेने का काम मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने लेना शुरू कर दिया है।

प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद की मौजूदगी में हो रही अलग-अलग दौर की बैठकों में सीधे तौर पर इस बात पर फोकस किया जा रहा है कि किस जिले में कौन सा अधिकारी सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में हीलाहवाली कर रहा है और संगठनात्मक प्रतिनिधियों के साथ असहयोग कर रहा है।

माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर अगले छह माह में अधिकारियों की मैदानी जमावट की जाएगी। प्रदेश कार्यालय में हो रही बैठक में सीएम शिवराज सिंह चौहान पूरे समय तक मौजूद रहकर जिलों की प्रबंध समितियों के फीडबैक को जानेंगे और सरकार के कामकाज में आनाकानी करने वाले अफसरों का फीडबैक अपने स्तर पर लेने के साथ संगठन से भी ले रहे हैं। चूंकि अब 18 माह बाद चुनाव होने हैं, इसलिए जिलों में दो साल से पदस्थ अधिकारियों का हटना भी तय है।

इस फीडबैक में कलेक्टर, एसपी, अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, एएसपी, एसडीओपी और टीआई स्तर के अधिकारी कर्मचारी खासतौर पर चर्चा में होंगे। इसलिए सत्ता और संगठन के फीडबैक के आधार पर अधिकारियों की पदस्थापना की जाना तय मानी जा रही है। सीएम पहले भी अफसरों को चेता चुके हैं कि जो अधिकारी सरकार की प्राथमिकता को नहीं मानेगा वह फील्ड में नहीं रहेगा। सूत्रों का कहना है कि जिलों की कोर कमेटी के रूप में काम कर रहीं जिला प्रबंध समिति को इसलिए बैठक में बुलाया गया है ताकि सभी के फीडबैक के आधार पर निर्णय लिया जा सके। कई बार जिला अध्यक्ष अधिकारी से पटरी नहीं बैठने पर गलत रिपोर्ट भी दे देते हैं। प्रबंध समिति से चर्चा में स्पष्ट रिपोर्ट आएगी।

दस प्रतिशत वोट बढ़ाने, सौंपे गए कामों की समीक्षा भी होगी
संगठन ने आगामी चुनाव में दस प्रतिशत अधिक वोट शेयर के लिए जो रणनीति तय की है और संगठनात्मक कामों की जो जिम्मेदारियां जिला प्रभारियों, जिला प्रबंध समितियों को सौंपी हैं, उनके क्रियान्वयन की समीक्षा भी बैठक में होना है। प्रदेश संगठन अन्य स्त्रोतों से मिली रिपोर्ट के आधार पर जिलों के संगठन पदाधिकारियों के कामों में हुई गड़बड़ी भी बताएगा और सुधार के लिए निर्देशित करेगा।

कुशाभाऊ ठाकरे समारोह के साथ अन्य कार्यक्रमों पर फोकस
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के दो साल का कार्यकाल इसी माह पूरा हो रहा है। इसलिए प्रदेश संगठन केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर तीस मई से प्रदेश भर में कार्यक्रम आयोजित करेगा। इन बैठकों में कुशाभाऊ ठाकरे शताब्दी समारोह समिति द्वारा तय कार्यक्रमों के साथ संगठन के द्वारा सौंपे गए अन्य कार्य का फीडबैक लिया जाएगा। साथ ही नई कार्ययोजना भी बताई जाएगी।

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