मध्‍य प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को फरवरी तक मिलेंगे सरकारी मोबाइल

भोपाल। प्रदेश की 76 हजार 263 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (महिला) को 18 फरवरी 2022 तक सरकारी मोबाइल मिल जाएंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग ने मोबाइल खरीदने की कार्ययोजना जारी कर दी है। जिसके हिसाब से सभी जिला कार्यक्रम अधिकारी तय समय पर निविदा खोलेंगे, तकनीकी मूल्यांकन करेंगे और आदेश देने के 45 दिन में कार्यकर्ताओं को मोबाइल उपलब्ध कराएंगे। मोबाइल खरीदने के लिए कार्यकर्ताओं को नकद भुगतान करने पर केंद्र सरकार की रोक के बाद विभाग ने मोबाइल खरीदने की प्रक्रिया विकेंद्रीकृत कर दी है। अब जिला स्तर पर मोबाइल खरीदे जा रहे हैं।

प्रदेश में कुपोषण, एनीमिया, पोषण आहार सहित तमाम योजनाओं की मानीटरिंग आनलाइन की जा रही है। यहां तक कि कार्यकर्ताओं की उपस्थिति भी मोबाइल के माध्यम से ही ली जा रही है। इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मोबाइल दिए जाने हैं।

इसके लिए केंद्र सरकार ने 10 हजार रुपये प्रति मोबाइल की दर से राज्य सरकार को चार साल पहले राशि दी है पर इन सालों में पांच बार मोबाइल खरीद प्रक्रिया स्थगित करना पड़ी है। हर बार खरीददारी की शर्तों को लेकर हंगामा खड़ा हुआ है। महिला एवं बाल विकास संचालनालय के कुछ अधिकारियों पर चंद कंपनियों को फायदा पहुंचाने के आरोप लगते रहे हैं।

इस स्थिति को देखते हुए पिछले साल मोबाइल खरीद प्रक्रिया निरस्त करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्र सरकार ने मार्गदर्शन मांगा था। यह विकल्प भी रखा था कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को नकद राशि दे दें, पर केंद्र सरकार सहमत नहीं हुई, तो आरोप-प्रत्यारोप से बचने के लिए विभाग ने खरीद प्रक्रिया का विकेंद्रीकरण कर दिया।

कार्ययोजना इसलिए ताकि अब देर न हो

विभाग ने मोबाइल फोन खरीदने के लिए कार्ययोजना (टाइम लाइन) तय कर दी है। इसके तहत पहले चरण में मोबाइल खरीद चुके 16 जिलों को छोड़कर शेष जिले 30 नवंबर को निविदा जारी कर चुके हैं। इन जिलों को 21 दिसंबर को निविदा खोलना है और चार जनवरी 2022 को मोबाइल खरीदने का आदेश जारी करना है। आदेश जारी होने के 45 दिन (यानी 18 फरवरी) तक मोबाइल कार्यकर्ता के हाथों में पहुंचाना है।

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