“MP हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव रद्द, रामनिवास रावत होंगे नए MLA”

“MP हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव रद्द, रामनिवास रावत होंगे नए MLA”
मध्य प्रदेश के विजयपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर हाईकोर्ट ने सोमवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। कोर्ट ने उपचुनाव को शून्य घोषित करते हुए पूर्व वन मंत्री रामनिवास रावत को विजयी बताकर विधायक घोषित कर दिया है। इस फैसले से विजयपुर की राजनीति में बड़ा बदलाव आ गया है और कांग्रेस के मौजूदा विधायक मुकेश मल्होत्रा की विधायकी छिन गई है। कोर्ट ने कहा कि मुकेश मल्होत्रा ने नामांकन पत्र और चुनावी शपथ पत्र में गलत व अधूरी जानकारी दी थी, जो चुनाव आयोग के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। इससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हुई।

11 महीने बाद हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला
करीब 11 महीने पहले रामनिवास रावत ने हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल की थी। उन्होंने विजयनगर उपचुनाव को रद्द करने की मांग की थी। रावत का आरोप था कि कांग्रेस उम्मीदवार मुकेश मल्होत्रा ने अपराधिक रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां छुपाईं। याचिका की सुनवाई के बाद कोर्ट ने अंतिम बहस पूरी की और फैसला सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को सुनवाई पूरी होने पर कोर्ट ने रामनिवास रावत के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट ने माना कि नामांकन में गड़बड़ी के कारण चुनाव वैध नहीं था।

रामनिवास रावत फिर से होंगे विधायक
उपचुनाव में मुकेश मल्होत्रा ने रामनिवास रावत को हराकर विधायक का पद हासिल किया था। रावत उस समय राज्य के वन मंत्री थे। लेकिन, अब कोर्ट के फैसले से रावत को विधायक का दर्जा मिल गया है। हालांकि, हाईकोर्ट ने अपने आदेश को 15 दिनों के लिए स्थगित रखा है। इस दौरान मुकेश मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का मौका दिया गया है। 15 दिन बाद ही कोर्ट का आदेश प्रभावी होगा।

इस फैसले से विजयपुर क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस खेमे में निराशा है, जबकि भाजपा समर्थक उत्साहित हैं। रामनिवास रावत ने फैसले का स्वागत किया और कहा कि न्याय की जीत हुई है। वहीं, मुकेश मल्होत्रा ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और न्याय की उम्मीद रखते हैं।

कांग्रेस विधायक ने कौन से केस छिपाए
कांग्रेस विधायक मुकेश ने अपने नामांकन में अपने खिलाफ दायर इन आपराधिक मामलों का उल्लेख नहीं किया था।
वन विभाग द्वारा दर्ज अपराध इस मामले में CJM श्योपुर ने 2020 में प्रतिवादी पर 7 हजार का जुर्माना और एक महीने का डिफॉल्ट कारावास दिया था।
अपराध क्रमांक 32/2011 थाना कराहल: JMFC श्योपुर ने 2015 में प्रतिवादी को धारा 332 और 294 का दोषी माना था और 6 महीने की सजा के साथ 500 का जुर्माना लगाया था।
अपराध क्रमांक 2/203 थाना कराहल: JMFC श्योपुर ने 2013 में मामले का निपटारा किया लेकिन शपथ पत्र में जानकारी नहीं दी गई।
अपराध क्रमांक 2/2013 थाना कराहल: इस मामले में प्रतिवादी को 2023 में बरी किया गया लेकिन इसका खुलासा नाकांकन में नहीं किया गया।
मुकेश मल्होत्रा के खिलाफ दो मामले श्योपुर की अदालत में हैं जिसका जिक्र नामांकन में किया गया लेकिन पूरी जानकारी नहीं दी गई।

रामनिवास रावत के कांग्रेस छोड़ने के बाद हुए थे शामिल
आदिवासी नेता मुकेश मल्होत्रा ने मई 2024 को कांग्रेस जॉइन की थी। विधानसभा चुनाव–2023 में मुकेश मल्होत्रा विजयपुर सीट से निर्दलीय मैदान में उतरे थे, तब पूरे क्षेत्र के आदिवासियों ने उनका साथ दिया था। उन्हें 45 हजार वोट मिले थे। वह पहले में बीजेपी में थे, तब सरकार ने उन्हें सहारिया प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया था।

वहीं, 2023 का विधानसभा चुनाव विजयपुर से जीतने के बाद लोकसभा चुनाव के समय रामनिवास रावत ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी की सदस्यता ली थी। मोहन यादव की कैबिनेट में उन्हें वन मंत्री बनाया गया था। लेकिन उपचुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

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