बंगाल चुनाव: छत्तीसगढ़ के रणनीतिकारों की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, 56 सीटों पर घेराबंदी शुरू

बंगाल के 56 विधानसभा क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ के नेताओं ने डाला डेरा
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के शंखनाद के साथ ही छत्तीसगढ़ भाजपा के धुरंधरों ने बंगाल में मोर्चा संभाल लिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गढ़ में सेंध लगाने के लिए छत्तीसगढ़ भाजपा के रणनीतिकारों और जमीनी कार्यकर्ताओं की पूरी फौज तैनात की गई है।

इस चुनावी रण में सबसे अहम बनकर उभरे हैं प्रदेश भाजपा महामंत्री (संगठन) पवन साय, जिन्हें बंगाल की 56 विधानसभा सीटों के बूथ प्रबंधन की कमान सौंपी गई है।

पवन साय बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करेंगे
पवन साय के कंधों पर जिम्मेदारी है कि वह बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करें। खास बात यह है कि छत्तीसगढ़ के छह निगम-मंडल अध्यक्ष फरवरी से ही बंगाल के अलग-अलग जिलों में डेरा डाले हुए हैं। अब इस खेमेबंदी को मजबूती देने के लिए प्रदेश के कद्दावर विधायकों और पूर्व मंत्रियों को भी रणक्षेत्र में उतारा गया है।

मूणत-शर्मा के साथ युवा विधायकों की टोली सक्रिय
पूर्व मंत्री राजेश मूणत और शिवरतन शर्मा पहले से ही बंगाल की गलियों में कमल खिलाने के लिए सक्रिय हैं। अब उनके साथ महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, दुर्ग ग्रामीण के ललित चंद्राकर, पूर्व विधायक रजनीश सिंह और मोतीराम चंद्रवंशी जैसे नेता बंगाल पहुंच चुके हैं।

मुख्य काम मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाना
इन नेताओं का मुख्य काम मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाना और केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रति जागरूक करना है। बंगाल की चुनावी पिच अपनी राजनीतिक हिंसा के लिए बदनाम है, जिसे लेकर निर्वाचन आयोग बेहद सख्त है।

पदाधिकारी, विधायक और कार्यकर्ता सतर्कता बरत रहे
छत्तीसगढ़ से गए भाजपा पदाधिकारी, विधायक और कार्यकर्ता भी पूरी सतर्कता बरत रहे हैं और पल-पल की जानकारी साझा कर रहे हैं। चर्चा है कि यदि बंगाल के नतीजे भाजपा के पक्ष में आते हैं, तो मिशन बंगाल में पसीना बहाने वाले छत्तीसगढ़ी नेताओं का कद दिल्ली के दरबार में बढ़ जाएगा।

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