ईरान की सीधी चेतावनी: दक्षिणी लेबनान में गोलीबारी बंद न हुई तो तेल अवीव पर गिराएंगे बम

ईरान की सीधी चेतावनी: दक्षिणी लेबनान में गोलीबारी बंद न हुई तो तेल अवीव पर गिराएंगे बम
अमेरिका के साथ संघर्ष विराम के बीच ईरान ने इजरायल को कड़ी चेतावनी दी है। ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा है कि अगर दक्षिण लेबनान पर इजरायली हमले जारी रहते हैं, तो वह तेल अवीव पर हमला कर सकता है। यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब यह चर्चा की जा रही है कि क्या अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम में लेबनान शामिल है या नहीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा, “कुछ ही घंटों के भीतर, अगर दक्षिणी लेबनान में गोलीबारी नहीं रुकी, तो हमारी हवाई और मिसाइल यूनिट तेल अवीव पर बमबारी करेगी।”

हिजबुल्लाह ने संघर्ष विराम का ऐलान किया
ईरान-अमेरिका में संघर्ष विराम के ऐलान के तुरंत बात हिजबुल्लाह ने बुधवार तड़के इजरायल और लेबनान में मौजूद इजरायली सैनिकों पर गोलीबारी रोक दी है। हिजबुल्लाह का कहना है कि उसने यह कदम अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम के हिस्से के तौर पर उठाया है। हालांकि, इजरायल ने इस संघर्ष विराम में लेबनान के शामिल होने से इनकार किया है। इजरायल ने कहा है कि हिजबुल्लाह के खिलाफ उसकी कार्रवाइयां जारी रहेंगी, जिसमें इस समूह के सैन्य अड्डों पर हमला शामिल है। इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच 2 मार्च को फिर से लड़ाई शुरू हुई थी।

हिजबुल्लाह को बचा रहा ईरान
ईरान-अमेरिका संघर्षविराम में मध्यस्थ की भूमिका निभाने का दावा करने वाले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि दो हफ्ते के इस संघर्ष विराम में लेबनान भी शामिल होगा। पहले भी ऐसी रिपोर्ट्स आई थी कि ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी संभावित संघर्ष विराम में लेबनान को शामिल करने की इच्छा जताई थी। हिजबुल्लाह को ईरान का प्रॉक्सी मिलिशिया कहा जाता है, तो दूसरे छोर से इजरायल के खिलाफ सैन्य अभियान का नेतृत्व करता है।

हिजबुल्लाह कौन है?
हिजबुल्लाह लेबनान का एक शक्तिशाली शिया मुस्लिम राजनीतिक और सैन्य संगठन है, जिसे कई देशों ने आतंकवादी समूह घोषित किया हुआ है।
हिजबुल्लाह का गठन 1980 के दशक में इजरायल के खिलाफ किया गया था। इसे ईरान का समर्थन प्राप्त है, जो इसकी नीतियों को तय करता है।
हिजबुल्लाह का शाब्दिक अर्थ “ईश्वर की पार्टी” है, जो विचारधारा के रूप में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रति निष्ठा रखता है।
हिजबुल्लाह के पास रॉकेट, मिसाइल और दूसरे छोटे हथियारों का विशाल जखीरा है। हिजबुल्लाह को लेबनानी सेना से भी अधिक मजबूत माना जाता है।

संघर्ष विराम को लेकर असमंजस क्यों?
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा कि उसने संघर्षविराम को स्वीकार कर लिया है और वह शुक्रवार से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका से बातचीत करेगा। हालांकि, न तो ईरान और न ही अमेरिका ने यह बताया कि संघर्षविराम कब से लागू होगा। इस बीच बुधवार सुबह इजराइल, ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हमले जारी रहे। अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ के एक अधिकारी के अनुसार, इजरायल भी संघर्षविराम के लिए सहमत हो गया है।

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