हेलियन की पहली भारतीय मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का CM मोहन यादव ने किया वर्चुअल भूमिपूजन

हेलियन की पहली भारतीय मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का CM मोहन यादव ने किया वर्चुअल भूमिपूजन
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने 8 जून को पीथमपुर में स्थापित होने जा रही हेलियन ग्रुप की पहली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का रिमोट से सांकेतिक भूमिपूजन किया। इस भूमिपूजन समारोह (वर्चुअल ग्राउंडब्रेकिंग सेरेमनी) को उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत आज पूरी दुनिया में ‘फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड’ के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। आज दुनिया भारत को केवल एक बड़े बाजार के रूप में ही नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद उत्पादन केंद्र, वैश्विक सप्लाई चेन पार्टनर और आर्थिक महाशक्ति के रूप में भी देख रही है।”

सीएम यादव ने कहा, ” भारत को ‘ग्लोबल फार्मा हब’ बनाने में मध्यप्रदेश की भूमिका लगातार तेजी से बढ़ रही है। मध्यप्रदेश आज हर क्षेत्र में निवेश के नए युग में प्रवेश कर आर्थिक एवं औद्योगिक विकास का नया अध्याय लिख रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि, “हेलियन कंपनी ने भारत में पहली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए मध्यप्रदेश को चुना है। मध्यप्रदेश की उर्वर भूमि सफलता की धरती भी है। राज्य सरकार और हेलियन कंपनी के बीच आज परस्पर विश्वास की और असीम संभावनाओं की नई शुरूआत हो रही है।

निवेशकों को दिया सहयोग का भरोसा
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि, “हमारी औद्योगिक नीतियों के कारण देश-दुनिया सभी मध्यप्रदेश पर भरोसा कर रहे है। सबका यही विश्वास ही हमारी पूंजी है। यह एक नए दौर का मध्यप्रदेश है। हमारा प्रदेश अब आत्मनिर्भर बन रहा है। मध्यप्रदेश में निवेश की इच्छा रखने वाले सभी निवेशकों को उद्योग स्थापना से लेकर उत्पादन प्रारंभ होने तक हर स्तर पर राज्य सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा।” आगे उन्होंने कहा, “हम आपका यह भरोसा हर हाल में कायम रखेंगे।”

2 लाख करोड़ रुपये तक निवेश पहुंचाने का कोशिश
बताया जा रहा है कि हेलियन ग्रुप की इस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के माध्यम से करीब 1000 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे। कंपनी ने इस प्लांट में 30% तक महिलाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। जिसकी सराहना मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी की है। उन्होंने कहा कि, “यह हमारी सरकार के महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को और भी मजबूती देगा।” उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि, “कंपनी की मध्यप्रदेश में निवेश राशि दो हजार करोड़ रुपये से दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने के लिए हम सब मिलकर कोशिश करेंगे।”

ग्लोबल एक्सपोर्ट हब बन चुका प्रदेश- सीएम मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्चुअल भूमिपूजन समारोह में बताया भारत मात्रा के आधार पर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फार्मा उत्पादक देश है। यहां 3 हजार से अधिक कम्पनियां और 10 हजार 500 से अधिक विनिर्माण इकाइयां दवाओं का उत्पादन कर रही हैं। मध्यप्रदेश में 300 से अधिक फार्मा कम्पनियां तथा 30 से अधिक एपीआई और बल्क ड्रग्स निर्माता सक्रिय हैं। इनके द्वारा निर्मित दवाएं अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के अनेक देशों में निर्यात हो रही हैं। मध्यप्रदेश में 75 से अधिक मेडिकल डिवाइस यूनिट्स सक्रिय हैं। राज्य के कुल निर्यात में फार्मा सेक्टर का लगभग 20 प्रतिशत योगदान है।

उन्होंने कहा, :मध्यप्रदेश अब केवल उत्पादन केंद्र नहीं, बल्कि एक स्थापित ग्लोबल एक्सपोर्ट हब बन चुका है। प्रदेश में इंदौर, पीथमपुर, मंडीदीप, भोपाल, देवास और उज्जैन के औद्योगिक क्षेत्र फार्मा मैनुफैक्चरिंग क्लस्टर्स के रूप में विकसित हो रहे हैं।” उन्होंने आगे वर्ष 2024 में यूनाइटेड किंगडम (यूके) में हुए ‘इन्वेस्ट इन एमपी रोड शो’ की चर्चा भी की।

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