एमपी में 15 जून से होंगे सरकारी कर्मचारियों के तबादले

एमपी में 15 जून से होंगे सरकारी कर्मचारियों के तबादले
कर्मचारियों के स्थानांतरण के लिए सरकार द्वारा हटाए गए बैन के बाद प्रमुख जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने स्तर पर लिस्टें बनवाने के बाद जिले के प्रभारी मंत्री के समक्ष जमा करा दी हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग को छोड़कर बाकी विभागों की सूचियां आज से जारी होना शुरू हो सकती हैं, जबकि शिक्षा विभाग की लिस्टें 28 जून के आसपास निकलने का अनुमान है।

जानकारी के मुताबिक, मप्र शासन द्वारा हर साल की तरह इस बार भी जून में 15 जून तक ट्रांसफरों से बैन हटाया गया है। जिसके तहत इस अवधि में स्वैच्छिक से लेकर प्रशासनिक स्तर तक कर्मचारियों के ट्रांसफर किए जाने हैं। जो कर्मचारी पसंदीदा स्थानों पर जाना चाहते हैं उन्हें भी बैन हटने का बेसब्री से इंतजार था। जबकि जिन्हें बेवजह यहां से वहां करने की आशंका है उन्हें डर सता रहा है।

जैसे ही ट्रांसफरों से बैन हटा तो पसंदीदा स्थानों पर पदस्थ होने के लिए बाट जोह रहे अधिकारी-कर्मचारियों ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से संपर्क साधते हुए अपने-अपने नाम प्रशासनिक लिस्टों में दिलवाने का प्रयास किया है। जबकि कई ऐसे अधिकारी-कर्मचारी हैं, जिन्हें जनप्रतिनिधि इधर से उधर करेंगे, वह बचने के लिए संपर्क साधे हुए हैं। उन सभी की लिस्टें तैयार होने के बाद जिले के प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप के समक्ष जमा करा दी गई हैं। अब विभागवार लिस्टें निकलने की शुरुआत होगी। शिक्षा विभाग में प्रशासनिक व स्वैच्छिक लिस्टें एक साथ निकाली जाएंगी। इसलिए स्वैच्छिक वालों के ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की है। 28 तक पूरी होने पर एक साथ आदेश निकाले जाएंगे।
तृतीय श्रेणी, बाबू व कई विभागों के ट्रांसफर प्रभारी मंत्री की अनुशंसा से

जो नियम है उसके मुताबिक तृतीय श्रेणी कर्मचारी, प्राथमिक शिक्षक, शिक्षा विभाग के बाबू, पटवारी, बड़े पुलिस अधिकारी छोड़कर अन्य पुलिसकर्मी, कृषि विभाग के ग्राम सेवक, लोनिवि, जनपदों के बाबू व तृतीय श्रेणी कर्मचारी, सहकारिता के कर्मचारी, ग्राम पंचायतों के सचिव आदि के ट्रांसफर विधायकों, सांसद या अन्य महत्वपूर्ण नेताओं की अनुशंसा पर प्रशासनिक होने हैं। इसके लिए जो लिस्टें बनाई हैं उनका अनुमोदन प्रभारी मंत्री द्वारा किया जाएगा। इसके बाद लिस्टें निकलना शुरू होंगी।
बड़े पदों के ट्रांसफर विभागीय मंत्री स्तर से होंगे, नोटशीटें भेजीं

बड़े पदों के ट्रांसफर जिले से न होकर विभागीय मंत्री ही कर सकेंगे। शिक्षा विभाग में प्रावि शिक्षक छोड़कर बाकी मावि शिक्षक, लेक्चरर सहित अन्य सभी के ट्रांसफर शिक्षा मंत्री ही करेंगे। निकायों के ट्रांसफर नगरीय प्रशासन मंत्री करेंगे। जबकि अन्य विभागों के एसडीओ, इंजीनियर, द्वितीय श्रेणी कर्मचारी, बिजली कंपनी, कॉलेजों के प्राध्यापकों के ट्रांसफर भी विभागीय मंत्री स्तर से ही हो सकेंगे।

हालांकि, उसके लिए नामों की सूचियों विधायकों, सांसदों के माध्यम से ही नोटशीट के साथ विभागीय मंत्री के यहां प्रस्तुत कर दी गई हैं। वह ट्रांसफर नोटशीटों के आधार पर भोपाल से होंगे।
इन छह नेताओं की अनुशंसा रहेगी आधार

जिले में ट्रांसफरों के लिए मुख्य रूप से छह नेताओं की अनुशंसा ही काम करेगी। जिसमें सांसद रोडमल नागर, मंत्री नारायणसिंह पंवार, मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक मोहन शर्मा, अमरसिंह यादव, हजारीलाल दांगी व भाजपा जिलाध्यक्ष ज्ञानसिंह गुर्जर शामिल हैं। इन्हीं छह नेताओं की सूचियों में नाम होने पर ही प्रशासनिक स्तर पर कर्मचारियों के ट्रांसफर हो सकेंगे।
नेताओं का इशारा ही तय करेगा सजा

जिन कर्मचारियों के कामकाज से स्थानीय नेता खुश नहीं हैं उन्हें इधर से उधर करने के लिए भी इन छह नेताओं का इशारा ही काम करेगा। बताया जा रहा है कि हर विधानसभा क्षेत्र में कुछ-कुछ कर्मचारी ऐसे हैं जिनसे जिम्मेदार नेता खुश नहीं हैं। ऐसे में उन कर्मचारियों के न चाहने के बावजूद उन्हें अपने-अपने क्षेत्र से हटाने की योजना है। उन्हें भी नेताओं की अनुशंसा से ही हटाया जाएगा।

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