मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ के लिए शिप्रा घाटों के निर्माण का 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ के लिए शिप्रा घाटों के निर्माण का 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण
ख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषक कल्याण वर्ष में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। इस वर्ष 13 जिलों में जिन सिंचाई परियोजनाओं के कार्य पूर्ण हो गए हैं, उनके लोकार्पण की तैयारी कर ली गई है। आगामी 6 माह में लगभग 6 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं में वृद्धि करने वाली इन परियोजनाओं का लोकार्पण होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में गुरूवार को मंत्रालय में हुई जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास विभागों के कार्यों की समीक्षा बैठक में जानकारी दी गई कि कृषक कल्याण वर्ष में अनेक सिंचाई परियोजनाओं के लोकार्पण होंगे। इनमें बड़वानी, सीहोर, शाजापुर, देवास, झाबुआ, धार, खण्डवा, खरगोन, आलीराजपुर, राजगढ़, जबलपुर, कटनी और मण्डला जिलों की सिंचाई परियोजनाएं शामिल हैं। बैठक में सिंहस्थ से जुड़ी 3 परियोजनाओं के कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की गई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा घाटी विकास और जल संसाधन विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन विभाग और नर्मदा घाटी विकास विभाग डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

केन-मंदाकिनी लिंक अंतर प्रांतीय परियोजना का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित
बैठक में जानकारी दी गई कि केन-मंदाकिनी लिंक अन्तर्राज्यीय सिंचाई परियोजना का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। इस परियोजना से 93 हजार 310 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का विकास होगा और 15.8 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा सकेगा। परियोजना में 20 किलोमीटर लंबाई की टनल भी बनाई जाएगी। परियोजना की लागत 8400 करोड़ रुपए से अधिक होगी।

सिंहस्थ से जुड़ी परियोजनाओं के कार्यों में प्रगति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ आयोजन के उद्देश्य से पूर्ण की जाने वाली परियोजनाओं के कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इनमें सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना का 82% कार्य पूर्ण हो गया है। बैठक में बताया गया कि कान्ह डायवर्सन क्लोज्ड डक्ट परियोजना में 66% प्रगति है। शिप्रा तट पर सिंहस्थ में करोड़ों लोगों द्वारा सुविधाजनक ढंग से पुण्य स्नान का लाभ लेने के दृष्टि से 29 किलोमीटर लंबाई में बनाए जा रहे घाटों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस कार्य में भी 60% प्रगति है।

सिंचाई क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि
प्रदेश में सिंचित रकबा निरंतर बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में निर्मित और निर्माणाधीन परियोजनाओं से निकट भविष्य में मिलने वाले लाभ को जोड़ें तो प्रदेश में सिंचित क्षेत्र 95. 45 लाख हैक्टेयर हो जाएगा। इसके अलावा अन्य स्वीकृति प्राप्त परियोजनाओं को समाहित करें तो यह आंकड़ा 108 लाख हैक्टेयर होगा। कार्यों को तेजी से पूरा किए जाने के फलस्वरूप सिंचाई क्षेत्र का निरंतर विस्तार हो रहा है। गत ढाई वर्ष में लगभग 10 लाख हैक्टेयर सिंचाई क्षेत्र में वृद्धि हुई है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles