ई-बसों का ट्रायल रन पूरा होने के बाद अब 30 जुलाई से कमर्शियल रन शुरू होने जा रहा है। पहले चरण में दो रूटों पर 10 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। इस दौरान यात्रियों से वर्ष 2022 में तय किराया संरचना के अनुसार प्रति किलोमीटर डेढ़ रुपये और न्यूनतम सात रुपये किराया लिया जाएगा।
बीसीएलएल अधिकारियों के अनुसार फिलहाल 30 ई-बसें भोपाल पहुंच चुकी हैं। इनमें से 10 बसें पहले चरण में सड़कों पर उतरेंगी, जबकि अगले सप्ताह 10 और बसें नए रूटों पर शुरू करने की तैयारी है। निगम का लक्ष्य अगले एक महीने में 100 ई-बसों का संचालन शुरू करना है।
टिकटिंग सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग पूरी, यात्रियों का इंतजार खत्म
पीएम ई-बस सेवा के तहत भोपाल को मिली बसों का 20 जुलाई से बिना यात्रियों के ट्रायल रन किया जा रहा था, जो पहले पांच दिन में पूरा होना था। इसके बाद से ही शहरवासी इन बसों के यात्रियों के लिए शुरू होने को लेकर इंतजार कर रहे हैं, लेकिन टिकटिंग सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग न होने की वजह से यह शुरू नहीं हो सकीं थीं। अब टिकटिंग सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग भी पूरी हो चुकी है, जिसका जिम्मा चलो कंपनी को दिया गया है। अब 30 जुलाई से बसें शहर के विभिन्न स्टॉप पर यात्रियों के लिए रुकना शुरू हो जाएंगी।
इन दो रूटों पर चलेंगी बसें
पहले चरण में 10 बसों के साथ ई-बस सेवा की शुरुआत की जाएगी। बीसीएलएल के अधिकारियों के अनुसार, दो रूटों पर ही बसों का परीक्षण किया जाएगा। इसमें पहला रूट चिरायु अस्पताल से बोर्ड ऑफिस मेट्रो स्टेशन होते हुए बैरागढ़-चिचली तक रहेगा, जबकि दूसरा रूट चिरायु अस्पताल से बोर्ड ऑफिस मेट्रो स्टेशन से चेतक ब्रिज होते हुए रेलवे कोच फैक्ट्री तक संचालित होगा।
प्रदर्शन के चलते रूट में हो सकता है बदलाव
इससे पहले ई-बसों के टिकट कलेक्शन सिस्टम की जांच की जा चुकी है। वहीं, मॉनिटरिंग सिस्टम और यात्रियों की सुरक्षा से संबंधित सभी सिस्टम चेक किए गए। देर शाम तक बीसीएलएल अधिकारी रूट को लेकर भी मंथन करते रहे। क्योंकि रोशनपुरा चौराहा पर किसानों का प्रदर्शन चल रहा है। ऐसे में गुरुवार की स्थिति को देखते हुए बसों के डायवर्जन को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

