मुख्यमंत्री ने यात्रा का शुभारंभ कर यात्रियों को दीं शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन केवल एक नगर नहीं, भूत भगवान महाकाल की पावन नगरी है। यहां के 84 महादेव श्रद्धा, साधना और सनातन परंपरा के जीवंत प्रतीक हैं। दर्शन यात्रा हमारी सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी। श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा आस्था के साथ-साथ आत्मिक जागरण का भी पुण्य अवसर भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन में आयोजित 84 महादेव दर्शन यात्रा-2026 का शुभारंभ कर वीडियो कान्फ्रेसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने दर्शन करने जा रहे सभी यात्रियों को अपनी आत्मीय शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम् और सर्वे भवन्तु सुखिनः का संदेश देती है। भगवान शिव समरसता, करुणा और लोककल्याण के प्रतीक हैं। भारत की आध्यात्मिक शक्ति आज पूरे विश्व को आकर्षित कर रही है। यह यात्रा हमारी पवित्र आध्यात्मिक चेतना को आगे बढ़ाने का अभियान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 84 महादेवों की परिक्रमा शिवभक्ति की प्राचीन और पवित्र परंपरा है। यह यात्रा श्रद्धा, संयम और आध्यात्मिक अनुशासन का संदेश देती है। प्रत्येक मंदिर उज्जैन के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति का साक्षी है। यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त प्रयास है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसे आयोजन कम ही होते हैं। 84 महादेव दर्शन यात्रा में शामिल सभी मातृशक्तियों को आयोजक संस्था द्वारा लाल चुनरी, साडी, रूद्राक्ष की माला, बिल्वपत्र का पौधा निःशुल्क भेंट किए जा रहे हैं। यात्रा के साथ में प्रसिद्ध भजन गायक मनीष तिवारी की भजन मंडली भी चल रही है। उन्होंने कहा कि सावन मास के पावन अवसर पर भगवान शिव के प्रति सबकी श्रद्धा प्रशंसनीय है। इस यात्रा से हमारी संस्कृति के प्रचार-प्रसार को बढावा मिलेगा, धार्मिक पर्यटन को बल मिलेगा और हमारी सामाजिक समरसता मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्राएं केवल आस्था नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था की भी शक्ति हैं। इससे होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और छोटे व्यापारियों को लाभ मिलेगा। प्रदेश सरकार तीर्थ स्थलों पर बेहतर सुविधाएं विकसित कर रही है। हमारा लक्ष्य उज्जैन को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र बनाना है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं को सहज और सुरक्षित दर्शन का अनुभव मिले, यही हमारी प्राथमिकता है। प्रशासन और समाज मिलकर इस आयोजन को सफल बनाएंगे जनभागीदारी से ही ऐसे आयोजन भव्य और दिव्य बनते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृति से जुड़ा समाज ही सशक्त और आत्मविश्वास राष्ट्र बनाता है। इसलिए हमारे युवाओं को भी अपनी संस्कृति, तीर्थ और परंपराओं से जुड़ना चाहिए। क्योंकि हमारी पहचान हमारी सभ्यता और संस्कारों से बनती है। यह यात्रा युवाओं में सेवा, अनुशासन औ राष्ट्रभाव की प्रेरणा जगाएगी।

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