ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम अगले 12 महीनों में व्यस्त टेस्ट कार्यक्रम से गुजरेगी। इस दौरान टीम कुल 20 टेस्ट मैच खेलेगी, जिसमें सबसे अधिक चर्चा भारत के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टेस्ट सीरीज को लेकर है। क्रिकेट प्रशंसकों को दोनों टीमों के बीच एक बार फिर रोमांचक और कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी।
ऑस्ट्रेलिया का यह टेस्ट कैलेंडर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है। लगातार टेस्ट मुकाबलों के कारण खिलाड़ियों की फिटनेस, टीम संयोजन और बेंच स्ट्रेंथ की भी बड़ी परीक्षा होगी। टीम प्रबंधन को तेज गेंदबाजों के वर्कलोड और प्रमुख खिलाड़ियों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देना होगा।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाली पांच टेस्ट मैचों की सीरीज दोनों देशों की प्रतिष्ठा के साथ-साथ WTC अंक तालिका के लिए भी निर्णायक साबित हो सकती है। हाल के वर्षों में दोनों टीमों के बीच टेस्ट क्रिकेट की प्रतिद्वंद्विता काफी रोमांचक रही है और हर मुकाबले ने क्रिकेट प्रेमियों का भरपूर मनोरंजन किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार 20 टेस्ट मैच खेलना किसी भी टीम के लिए बड़ी चुनौती है। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया को अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं पर भी भरोसा करना पड़ सकता है। दूसरी ओर भारतीय टीम भी इस बहुप्रतीक्षित सीरीज में अपनी मजबूत बल्लेबाजी और संतुलित गेंदबाजी के दम पर ऑस्ट्रेलिया को कड़ी चुनौती देने की तैयारी करेगी।
क्रिकेट जगत की नजरें अब दोनों दिग्गज टीमों के इस बहुप्रतीक्षित टेस्ट मुकाबले पर टिकी हैं, जिसे आने वाले वर्ष की सबसे बड़ी क्रिकेट सीरीज में से एक माना जा रहा है।

