छत्तीसगढ़ के स्टील से तैयार होंगे हाई-वैल्यू उत्पाद, CM साय ने स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने पर दिया जोर

छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में उत्पादित स्टील का अधिकतम मूल्य संवर्धन राज्य के भीतर ही करने पर जोर दिया है। ‘छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग ऑन ग्रीन स्टील’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य को केवल लौह अयस्क और स्टील उत्पादन तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि डाउनस्ट्रीम और स्पेशियलिटी उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा देना होगा।

स्टील से तैयार हों ऑटो, रेलवे और रक्षा क्षेत्र के उत्पाद
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में तैयार होने वाले स्टील को प्राथमिक रूप में बाहर भेजने के बजाय यहीं ऑटो कंपोनेंट्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, रेलवे, रक्षा और सौर ऊर्जा उपकरणों जैसे मूल्यवर्धित उत्पादों में बदला जाना चाहिए। इससे उद्योगों की पूरी वैल्यू चेन प्रदेश में विकसित होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

ग्रीन स्टील पर सरकार का फोकस
कार्यक्रम में ग्रीन स्टील के बढ़ते महत्व पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से कम कार्बन उत्सर्जन वाली अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रही है और ग्रीन स्टील की मांग आने वाले समय में बढ़ने की संभावना है। छत्तीसगढ़ की बिजली उपलब्धता और प्रतिस्पर्धी औद्योगिक दरें ऊर्जा-आधारित उद्योगों के लिए प्रदेश को मजबूत स्थिति में रखती हैं।

₹13,840 करोड़ के निवेश प्रस्ताव
‘छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग ऑन ग्रीन स्टील’ के दौरान प्रदेश को करीब 13,840 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन परियोजनाओं से लगभग 10,921 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। सरकार का जोर निवेश को केवल पूंजी तक सीमित रखने के बजाय स्थानीय रोजगार और औद्योगिक मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने पर है।

18 महीनों में करीब ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके लागू होने के बाद पिछले 18 महीनों में छत्तीसगढ़ को करीब 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें पारंपरिक खनन और इस्पात क्षेत्र के साथ-साथ AI, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाइल और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे नए क्षेत्र भी शामिल हैं।

नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास पर जोर
राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। राजनांदगांव में करीब 306 एकड़ में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC 2.0) विकसित किया जा रहा है। इससे 3,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश और करीब 9,000 रोजगार अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है।

मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि छत्तीसगढ़ में उद्योगों के लिए नीतियां स्पष्ट और प्रक्रियाएं पारदर्शी रखी जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य राज्य के प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल कर स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक उद्योग, निवेश और रोजगार के अवसर तैयार करना है।

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