भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच का पहला दिन पूरी तरह भारतीय बल्लेबाजों के नाम रहा। भारत ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए दिन का खेल खत्म होने तक 2 विकेट पर 288 रन बना लिए। देवदत्त पडिक्कल ने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक जड़कर इस दिन को खास बना दिया।
पडिक्कल ने रचा इतिहास
तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे देवदत्त पडिक्कल ने बेहद संयम और आत्मविश्वास के साथ श्रीलंकाई गेंदबाजों का सामना किया। उन्होंने 134 गेंदों में अपना शतक पूरा किया, जिसमें 9 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। यह उनके टेस्ट करियर की पहली सेंचुरी है।
पडिक्कल की इस पारी की खास बात यह रही कि उन्होंने स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त के दिन टेस्ट शतक लगाने का दुर्लभ रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। वह ऐसा करने वाले भारत के पहले टेस्ट बल्लेबाज बने।
नंबर-3 पर भी बनाया खास रिकॉर्ड
इस शतक के साथ पडिक्कल 21वीं सदी में भारत की ओर से नंबर-3 पर टेस्ट शतक लगाने वाले दूसरे बाएं हाथ के बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि सौरव गांगुली ने 2002 में हासिल की थी।
भारत की मजबूत शुरुआत
पहले दिन भारत को शुरुआत में यशस्वी जायसवाल के रूप में झटका लगा, लेकिन इसके बाद भारतीय बल्लेबाजों ने पारी को मजबूती से संभाल लिया। पडिक्कल ने केएल राहुल के साथ शानदार साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। दिन का खेल खत्म होने तक भारत 288/2 के स्कोर पर था, जिससे टीम ने टेस्ट की शुरुआत में ही अपनी पकड़ मजबूत कर ली।
देवदत्त पडिक्कल की यह पारी न सिर्फ भारत के लिए अहम रही, बल्कि टेस्ट टीम में नंबर-3 की जगह के लिए उनकी दावेदारी को भी मजबूत कर गई।

