छत्तीसगढ़ में ग्रामीण रोजगार को मिली रफ्तार, रोज 11 लाख श्रमिकों को काम; महिलाओं की हिस्सेदारी 57%

छत्तीसगढ़ में ग्रामीण रोजगार के क्षेत्र से बड़ी तस्वीर सामने आई है। प्रदेश में हर दिन करीब 11 लाख ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है। खास बात यह है कि इसमें महिलाओं की भागीदारी 57 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

ग्रामीण परिवारों को मिल रहा रोजगार का सहारा

 

ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ने से बड़ी संख्या में श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर काम मिल रहा है। इससे उन्हें रोजगार के लिए दूसरे शहरों या राज्यों की ओर पलायन करने की जरूरत कम हो रही है। ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों के जरिए गांवों में ही रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

 

 

 

रोजगार में महिलाओं की मजबूत भागीदारी

 

कुल रोजगार में महिलाओं की 57 प्रतिशत हिस्सेदारी इस पहल की खास उपलब्धि मानी जा रही है। इससे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने के साथ परिवार की आय में भी उनका योगदान मजबूत हो रहा है।

 

 

 

छत्तीसगढ़ में ग्रामीण श्रमिकों के लिए रोजगार के साथ-साथ आजीविका और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाएं भी संचालित हैं। राज्य के श्रम विभाग की ओर से निर्माण श्रमिकों के लिए शिक्षा, आवास, कौशल विकास, पेंशन और अन्य सहायता योजनाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

 

 

 

रोजगार के साथ विकास कार्यों पर जोर

 

ग्रामीण रोजगार से जुड़ी गतिविधियों का उद्देश्य सिर्फ मजदूरी उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि गांवों में जल संरक्षण, आधारभूत ढांचे और आजीविका से जुड़े स्थायी संसाधनों का निर्माण करना भी है। इससे रोजगार के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल रही है।

 

 

 

प्रदेश में ग्रामीण श्रमिकों को बड़ी संख्या में प्रतिदिन रोजगार मिलने और महिलाओं की भागीदारी 57 प्रतिशत होने को ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भूमिका के महत्वपूर्ण संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles