सावन के पावन महीने में रामनगरी अयोध्या इन दिनों भक्ति और उत्सव के रंग में रंगी हुई है। सावन शुक्ल एकादशी से अयोध्या के करीब 5 हजार मठ-मंदिरों में झूलनोत्सव की शुरुआत हो गई है। मंदिरों को फूलों, रंग-बिरंगी सजावट और आकर्षक हिंडोलों से सजाया गया है।
कई मंदिरों में भगवान श्रीराम और माता जानकी के विग्रह को फूलों तथा स्वर्ण-रजत जड़ित हिंडोलों पर विराजमान कराया गया है। वहीं, कुछ मंदिरों में राधा-कृष्ण और अन्य आराध्य देवों के लिए भी विशेष झांकियां सजाई गई हैं। शाम होते ही मंदिरों में भजन-कीर्तन, पद गायन और धार्मिक संगीत से वातावरण भक्तिमय हो रहा है।
श्रीराम बल्लभाकुंज में विशेष झांकी महोत्सव
श्रीराम बल्लभाकुंज मंदिर में शाम 6 बजे से रात 11 बजे तक विशेष झांकी महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। फूलों से सजे हिंडोलों पर भगवान श्रीराम और माता जानकी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यहां झूलनोत्सव का आयोजन रक्षाबंधन तक चलने की जानकारी दी गई है।
हर दिन बदल रहा रामलला का श्रृंगार
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भी रामलला का प्रतिदिन अलग-अलग वस्त्रों और श्रृंगार से अलंकरण किया जा रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन और आरती में शामिल हो रहे हैं।
झूलनोत्सव के चलते शाम होते ही अयोध्या की गलियां और मंदिर परिसर भजन, कीर्तन और जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठते हैं। श्रद्धालुओं के लिए यह उत्सव आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक परंपरा का अनोखा संगम बन गया है।

