मध्‍य प्रदेश की शिवराज सरकार लोक सुरक्षा के मद्देनजर बना रही नया कानून

भोपाल। मतांतरण को रोकने के लिए धार्मिक स्वतंत्रता और लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से वसूली का कानून बनाने के बाद अब शिवराज सरकार लोक सुरक्षा के मद्देनजर नया कानून बनाने जा रही है। इसके तहत ऐसे सभी स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा, जहां भी भीड़ एकत्र होती है। इसमें माल, बैंक, स्कूल, कालेज, बाजार, सिनेमाघर आदि शामिल रहेंगे।

इन्हें कम से कम दो माह तक डाटा सुरक्षित रखना होगा और कानून व्यवस्था की दृष्टि से जब भी इसकी मांग की जाएगी तो संस्थान इन्कार नहीं कर सकेंगे। सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाने पर दस से लेकर बीस हजार रुपये तक जिला प्रशासन लगा सकेगा। इस संबंध में गृह विभाग विधानसभा के फरवरी-मार्च में प्रस्तावित बजट सत्र में विधेयक प्रस्तुत करेगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोक सुरक्षा के मद्देनजर नवंबर 2020 में कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान इस व्यवस्था को बनाने के निर्देश दिए थे। इसके मद्देनजर गृह विभाग ने अन्य राज्यों की व्यवस्थाओं का अध्ययन करा रहा है। तय किया गया है कि उन सभी स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया जाएगा, जहां भीड़-भाड़ होती है। इसमें माल, स्कूल, कालेज, बैंक, सिनेमाघर, बाजार सहित अन्य स्थान शामिल रहेंगे।

संस्थानों को स्वयं के व्यय पर सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। इसके साथ ही डाटा दो माह तक सुरक्षित रखने की व्यवस्था भी करनी होगी। जब भी सुरक्षा कारणों से पुलिस या जिला प्रशासन द्वारा इसकी मांग की जाएगी तो संस्थान को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा। अभी इस तरह का कोई बंधन नहीं है। इसके कारण पुलिस को अभी सीसीटीवी कैमरे का डाटा प्राप्त करने के लिए काफी प्रयास करने पड़ते हैं।

कानूनी प्रविधान होने से न सिर्फ सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे बल्कि कोई भी डाटा देने से इन्कार नहीं कर सकेगा। कानून लागू होने के एक माह के भीतर सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। ऐसा नहीं करने पर जिला प्रशासन कार्रवाई करेगा। गृह मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि इस संबंध में विधेयक तैयार करने के निर्देश दे दिए हैं। इस व्यवस्था से अपराध नियंत्रण और विवेचना में मदद मिलेगी।

भोपाल, इंदौर सहित बड़े शहरों में लागू होगी व्यवस्था

गृह विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी यह व्यवस्था भोपाल, इंदौर सहित सिर्फ बड़े शहरों में लागू होगी। इसमें ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन शामिल रहेंगे। इस व्यवस्था के विस्तार पर बाद में विचार किया जाएगा।

कानून बनाने वाला दूसरा राज्य होगा मध्य प्रदेश

सीसीटीवी कैमरे लगाने और उसका डाटा सुरक्षित रखने संबंधी कानून अभी देश में सिर्फ तेलंगाना में है। मध्य प्रदेश इसे बनाने वाला दूसरा राज्य होगा। गृह विभाग द्वारा तेलंगाना के प्रविधान का पुलिस मुख्यालय और विधि विभाग के अधिकारियों से अध्ययन करवाया जा रहा है।

उच्च स्तर पर चल रहा है विचार

अपर मुख्य सचिव गृह डा.राजेश राजोरा का कहना है कि लोक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अधिनियम बनाने को लेकर उच्च स्तर पर विचार किया जा रहा है।

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