भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि के अवसर पर सोमवार को देशभर में धार्मिक आस्था का माहौल देखने को मिला। इस दिन कजरी तीज का पर्व मनाया जा रहा है, जिसे विशेष रूप से महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर भगवान शिव, माता पार्वती और कजली माता की पूजा-अर्चना की।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना से कजरी तीज का व्रत रखती हैं। वहीं, अविवाहित युवतियां अच्छे जीवनसाथी की कामना से यह व्रत करती हैं। पूजा के दौरान व्रत कथा सुनने और शिव-पार्वती की आराधना का भी विशेष महत्व बताया गया है।
पंचांग के अनुसार, 31 अगस्त को भाद्रपद कृष्ण तृतीया तिथि सुबह करीब 8:50 बजे तक रही, इसके बाद कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि शुरू हुई। इसी क्रम में बहुला चतुर्थी और हेरंब संकष्टी चतुर्थी से जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों का भी आयोजन हुआ।
मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही रही और लोगों ने पूजा-पाठ, व्रत, दान तथा धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया। भाद्रपद मास को धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व वाला महीना माना जाता है, इसलिए इस दौरान किए जाने वाले व्रत और पूजा-अर्चना को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह रहता है।

