मध्य प्रदेश सरकार ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी ओरछा को देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को निर्माणाधीन श्री रामराजा लोक के कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के साथ गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामराजा लोक को उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिली है। इसी मॉडल से ओरछा में भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की योजना है।
धार्मिक आस्था के साथ विरासत का संरक्षण
सीएम मोहन यादव ने ओरछा के जुझार सिंह महल और जहांगीर महल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ओरछा बुंदेला काल की समृद्ध स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। पुराने भवनों के संरक्षण और जीर्णोद्धार में पारंपरिक सामग्री और कुशल कारीगरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि ऐतिहासिक स्वरूप बरकरार रहे।
रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि रामराजा लोक के विकास से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। इससे होटल, परिवहन, खान-पान, हस्तशिल्प और स्थानीय कारोबार को फायदा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश सरकार ओरछा के साथ चित्रकूट, दतिया, नलखेड़ा और मंदसौर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास पर भी जोर दे रही है। उद्देश्य प्रदेश के धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़कर मध्य प्रदेश को देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन राज्यों में शामिल करना है।

