मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित विशाल दही हांडी उत्सव में शामिल होकर गोविंदाओं का उत्साह बढ़ाया और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दही हांडी का उत्सव भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की स्मृतियों को जीवंत करने के साथ-साथ हमें एकता, सहयोग और टीम भावना की शक्ति का संदेश भी देता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि माखन चुराने वाले नटखट कान्हा की बाल लीलाएं आज भी लोगों के मन में आनंद, प्रेम और भक्ति का भाव जगाती हैं। दही हांडी में गोविंदाओं की सामूहिक भागीदारी यह संदेश देती है कि मिल-जुलकर प्रयास करने से बड़ी से बड़ी चुनौती को भी पार किया जा सकता है।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन को कर्तव्य, नेतृत्व और कर्मयोग की प्रेरणा बताते हुए कहा कि श्रीकृष्ण ने अपने जीवन की प्रत्येक भूमिका को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाया। उनका जीवन हमें परिस्थितियां कैसी भी हों, अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की लोक परंपराएं और धार्मिक उत्सव समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ सामाजिक एकता और भाईचारे को भी मजबूत करते हैं।
दही हांडी उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और युवा मौजूद रहे। गोविंदा टोलियों ने उत्साह और उमंग के साथ आयोजन में हिस्सा लिया, जिससे पूरा वातावरण कृष्ण भक्ति और उत्सव के रंग में रंग गया।

