कैबिनेट ने सीपीए बंद करने की मंजूरी दी, लोक निर्माण और वन विभाग देखेंगे काम

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में राजधानी परियोजना प्रशासन को बंद करने का निर्णय लिया गया। साथ ही तय किया गया कि सड़क और भवनों के रखरखाव का काम लोक निर्माण विभाग देखेगा। वहीं, भोपाल के वे सभी उद्यान जो सीपीए द्वारा संधारित किए जाते थे, वे वन विभाग को सौंपा जाएंगे। बैठक में वित्त विधेयक 2022 और तृतीय अनुपूरक अनुमान (बजट) प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया गया।

राज्य सरकार के प्रवक्ता गृह मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट के निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि सीपीए भोपाल में सड़कों, मंत्रालय, विधानसभा भवन, विधायक विश्राम गृह, गैस राहत एवं पुनर्वास विभाग चिकित्सालय, आवास और यूनियन कार्बाइड के कचरे के निष्पादन का काम देख रहा था। अब तय किया गया है कि यह काम लोक निर्माण विभाग देखेगा। वहीं, भोपाल की प्रमुख उद्यानों के संधारण का काम अब वन विभाग देखेगा। प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों को मूल विभाग वापस लौटाया जाएगा।

अधिकारियों कर्मचारियों का संविलियन लोक निर्माण और वन विभाग में होगा। प्रदेश में नर्मदा जल का उपयोग सुनिश्चित करने के लिए नर्मदा घाटी विकास और जल संसाधन विभाग प्रस्तावित 12 सिंचाई परियोजनाओं को प्रशासकीय स्वीकृति के साथ निविदा आमंत्रित करने की अनुमति दी गई। इन परियोजनाओं की लागत 26 हजार करोड़ रुपये से अधिक है।

अन्य निर्णय

बैठक में कोरोना महामारी की स्थिति को देखते हुए घरेलू उपभोक्ताओं के स्थगित बिजली बिलों की राशि के भुगतान के लिए समाधान योजना का अनुसमर्थन किया गया। विधानसभा के बजट सत्र में मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज संशोधन विधेयक प्रस्तुत करने की अनुमति दी गई। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन या औद्योगिक गतिविधियों के लिए अनुमति देने की प्रक्रिया शासन द्वारा तय की जाएगी। इसके अधिकार संबंधित विभागों को दिए जाएंगे।

ओंकारेश्वर और छतरपुर सौर ऊर्जा परियोजना से उत्पादित बिजली खरीदेगी सरकार

बैठक में तय किया गया कि ओंकारेश्वर जलाशय पर प्रस्तावित 600 मेगावाट क्षमता और छतरपुर सौर ऊर्जा पार्क से उत्पादित 950 मेगावाट बिजली सरकार खरीदेगी। इसके लिए मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड को अधिकृत किया गया है। प्रदेश में वर्तमान में दो हजार 380 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित हैं।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles