हाईकोर्ट का फैसला- 2013 के बाद चौराहों पर लगी मूर्तियां हटाई जाएं

जबलपुर। मप्र हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका का इस निर्देश के साथ पटाक्षेप कर दिया कि राजधानी भोपाल के टीटी नगर में लगाई गई पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की प्रतिमा हटाई जाए। साथ ही जनहित याचिकाकर्ता को हुई परेशानी के लिए राज्य शासन व नगर निगम, भोपाल पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसमें से 20 हजार हाई कोर्ट विधिक सेवा समिति में जमा हाेंगे जबकि 10 हजार जनहित याचिकाकर्ता को मिलेंगे।जुर्माना राशि 30 दिन के भीतर जमा करनी होगी।

प्रशासिनक न्यायाधीश शील नागू की अध्यक्षता वाली युगलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान जनहित याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी अधिवक्ता ग्रीष्म जैन की ओर से अधिवक्ता सतीश वर्मा व लावण्य वर्मा ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक स्थान व सड़कों पर प्रतिमाएं लगाने पर रोक लगा दी थी। 18 जनवरी, 2013 को सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया था कि इस तरह की मनमानी प्रतिमाएं हटाई जाएं। इसके बावजूद भोपाल में मनमानी करते हुए नानक पेट्रोल पंप के पास टीटी नगर चौक पर पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की प्रतिमा लगाई गई। सड़क व सार्वजनिक चौक का दुरुपयोग करने से रोके जाने संबंधी देश की शीर्ष अदालत के आदेश को गंभीरता से नहीं लिया गया।

बहस के दौरान दलील दी गई कि सरकारी अधिकारियों विशेषकर नगर निगम भोपाल ने इस मामले में दो अलग-अलग जवाब देने की गलती की है। दिसंबर-2019 में जनहित याचिकाकर्ता को बदनाम करने की मंशा से मूर्ति को यातायात में बाधक नहीं बताया गया। जबकि जुलाई 2021 में सरकार बदलते ही मूर्ति को यातायात में बाधक बता दिया गया।हाई कोर्ट ने इस तर्क को सुनने के बाद टिप्पणी में साफ किया कि सरकारी अधिकारियों को कानून का पालन गंभीरता से करना चाहिए। जनहित याचिकाकर्ता को दुर्भावनापूर्वक परेशान करके कोर्ट को गुमराह करने का रवैया ठीक नहीं था।

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