सीएम डैशबोर्ड मे केंद्र व राज्य की 18 फ्लैगशिप योजनाएं शामिल

भोपाल : सामाजिक समरसता को आधार बनाकर काम कर रही शिवराज सरकार ने केंद्र व राज्य सरकार की उन योजनाओं को फ्लैगशिप घोषित किया है जिसका सीधा आम आदमी से सरोकार है। राज्य सरकार के बजट में घोषित फ्लैगशिप योजनाओं से इतर ये फ्लैगशिप योजनाएं सीएम डैशबोर्ड में बाकायदा मानीटर की जा रही हैं। इसके लिए अफसरों की टीम योजनाओं के आधार पर तत्काल अपडेट देने का काम करने में जुटी है ताकि उसे जनता तक भी पहुंचाया जा सके।

शिवराज सरकार प्रदेश के गांव, गरीब, किसान और बेटियों को फोकस कर आगामी चुनाव की तैयारियों में जुटी है। इसके लिए सीएम डैशबोर्ड पर केंद्र और राज्य सरकार की उन सभी योजनाओं को फ्लैगशिप योजनाओं के दायरे में शामिल किया गया है जो इनके रोटी, कपड़ा और मकान की जरूरतों को पूरा करने से सीधा वास्ता रखती हैं।

सीएम डैशबोर्ड के जरिये इन फ्लैगशिप योजनाओं की मानीटरिंग करने का काम किया जा रहा है और सीएम सचिवालय हर हफ्ते इन योजनाओं के अपडेट्स से सीएम शिवराज सिंह चौहान को अवगत करा रहा है। इन फ्लैगशिप योजनाओं में इस बात को खासतौर पर मानीटर किया जा  रहा है कि किस योजना में कितने लोगों को लाभ पहुंचाया और कितनी राशि खर्च की गई है ताकि इसे जनसभाओं के दौरान जनता को बताया जा सके।

इनके रोजगार और स्वास्थ्य की चिंता
कोरोना के दौर में उपचार की कमी से होने वाली मौतों को देखते हुए सरकार ने आयुष्मान योजना पर भी खासा फोकस किया है और सीएम शिवराज के भाषण में भी जब तब इसकी झलक दिखती है। प्रदेश में 4.70 करोड़ पात्र हितग्राही में से 2.69 करोड़ को कार्ड जारी किए जा चुके हैं और बाकी पर काम चल रहा है। 2090 करोड़ रुपए सरकार इस योजना में 14.67 लाख लोगों के उपचार पर खर्च कर चुकी है। इसके साथ ही पीएम स्वनिधि योजना में 5.10 लाख लोगों को 583 करोड़ रुपए की सहायता स्वरोजगार के लिए दी जा चुकी है। सरकार रोज ये आंकड़े भी अपडेट कर रही है कि कितनी फसल गेहंू, चना, मसूर, सरसों उपार्जित की गई और कितने किसानों को कितना पेमेंट कर दिया गया है।

एक हफ्ते से 15 दिन में मानीटरिंग
राज्य सरकार केंद्र और राज्य सरकार की जिन योजनाओं के जरिये आम आदमी, गरीब, किसानों पर सीधे नजर रखकर उन्हें मिलने वाले योजनाओं के लाभ की रिपोर्ट ले रही है, उसमें पीएम किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, पीएम फसल बीमा योजना, स्वामित्व योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन, पीएम आवास शहरी और ग्रामीण, संबल योजना श्रमिक/प्रसूति, पात्रता पर्ची, लाड़ली लक्ष्मी, गेहूं, सरसों, मसूर, चना का खाद्यान्न उपार्जन, पीएम स्वनिधि, आयुष्मान भारत शामिल हैं।

किसानों से संबंधित सरकार के फोकस वाली स्कीम
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में प्रदेश के पंजीकृत किसान 83.78 लाख हैं और इन्हें 13441 करोड़ रुपए सम्मान निधि के रूप में दिए जा चुके हैं। इसी तरह मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में इतने ही किसानों को 4569 करोड़ रुपए शिवराज सरकार दे चुकी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ पाने वाले किसानों की संख्या डैशबोर्ड में 83.44 लाख है जिन्हें पिछले माह तक 7077 करोड़ रुपए का बीमा क्लेम दिया गया है। स्वामित्व योजना में 43 हजार गांवों को शामिल कर 22381 गांवों का ड्रोन सर्वे कराया जा चुका है और 2.71 लाख को स्वामित्व कार्ड दिए जा चुके हैं। जिन गावों में सौ फीसदी कार्ड जारी किए जा चुके हैं, उनकी संख्या 5999 है।

गांव और गरीब से संबंधित योजनाएं
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 89519 किमी सड़क स्वीकृत की गई है जिसमें से 84687 किमी का काम पूर्णता की ओर है। इसी तरह जल जीवन मिशन में 90.27 लाख घरेलू कनेक्शन 29180 गांवों में दिया जाने का लक्ष्य तय है। अब तक 49.26 लाख कनेक्शन दिए जा चुके हैं। पीएम आवास योजना ग्रामीण में 30.44 लाख आवास का टारगेट है और 24.47 लाख पूरे हो चुके हैं। एक माह में चार लाख आवास बनाने का टारगेट पंचायत और ग्रामीण विकास ने तय किया है। पीएम आवास शहरी में 9.39 लाख का टारगेट है और 4.87 लाख पूर्ण हुए हैं। इस माह 15 हजार आवास बनाने की तैयारी है। पात्रता पर्ची को लेकर सरकार कितनी गंभीर है, इसे आंकड़ों से समझा जा सकता है। एक करोड़ 17 लाख 93 हजार पात्रता पर्ची के जरिये 397.51 करोड़ रुपए का राशन मुफ्त बांटा जा रहा है।

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