ट्रंप का ऐलान- ईरान के साथ आज होंगे डील पर साइन

ट्रंप का ऐलान- ईरान के साथ आज होंगे डील पर साइन
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए शांति समझौते (पीस डील) पर रविवार को हस्ताक्षर किए जाएंगे. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान ने भी कहा है कि समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आखिरी चरण में है और अगले 24 घंटे के भीतर इस पर हस्ताक्षर हो सकते हैं.

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा, “समझौते पर कल हस्ताक्षर होने वाले हैं और जैसे ही यह डील साइन होगी, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सभी के लिए खोल दिया जाएगा.”

ईरान ने ट्रंप के दावे पर जताई असहमति
ट्रंप के इस दावे के कुछ ही घंटे बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने अलग रुख अपनाया. ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि रविवार को किसी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं होंगे. ईरान के इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) के अनुसार इस्माइल बाघेई ने कहा कि वार्ता प्रक्रिया जारी है, लेकिन दूसरे पक्ष की विसंगतियों के कारण तत्काल किसी समझौते की उम्मीद नहीं की जा सकती. उन्होंने दोहराया कि रविवार को समझौता नहीं होगा, हालांकि आने वाले दिनों में प्रगति संभव है.

पाकिस्तान ने कहा- 24 घंटे में हो सकता है समझौता
इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर अगले 24 घंटे में हस्ताक्षर हो सकते हैं. पाकिस्तान इस पूरी प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है.

ईरानी विदेश मंत्री ने भी जताई थी उम्मीद
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को कहा था कि समझौते पर “आने वाले दिनों” में हस्ताक्षर हो सकते हैं. वहीं एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने भी कहा था कि समझौता होने की संभावना 80 से 85 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना हुआ है सबसे बड़ा मुद्दा
समझौते की दिशा में बढ़ती उम्मीदों के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर तनाव का केंद्र बना हुआ है. पिछले कई महीनों से चल रहे युद्ध ने न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित किया है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर डाला है.

पहले भी कई बार डील का दावा, लेकिन नहीं निकला नतीजा
अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद दीर्घकालिक शांति समझौते को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है. हालांकि अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकल पाया है. ट्रंप कई बार दावा कर चुके हैं कि समझौता बेहद करीब है, लेकिन हर बार बातचीत आगे खिंचती चली गई.

इस सप्ताह फिर बढ़ा था सैन्य तनाव
इस सप्ताह अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य तनाव बढ़ गया था. दोनों पक्षों के बीच जवाबी हमले हुए, जिससे पूर्ण युद्ध की आशंका गहरा गई थी. अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को शुरू किए गए सैन्य अभियान के बाद पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई. इसके कारण फारस की खाड़ी से तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई. हालांकि 7 अप्रैल से एक नाजुक युद्धविराम लागू है.

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