अंबेडकर, राजेंद्र प्रसाद जैसे लोगों को नमन करने का दिन

संविधान दिवस के मौके पर संसद में आयोजित कार्यक्रम में विपक्षी दलों द्वारा शामिल न होने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम किसी दल का नहीं था। उन्होंने बिना नाम लिए कांग्रेस पर हमले किए। इस कार्यक्रम को राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति व लोकसभा स्पीकर ने भी संबोधित किया। 

संसद लोकतंत्र का मंदिर- राष्ट्रपति

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सांसदों से उनके संसदीय आचरण के बारे में कहा कि संसद लोकतंत्र का मंदिर है। पूजा-गृहों, इबादत-गाहों जैसा ही आचरण वे यहां करें। 

यह कार्यक्रम राजनैतिक दल का नहीं था-पीएम

  • पीएम ने कहा कि यह कार्यक्रम किसी राजनैतिक दल का नहीं था। किसी प्रधानमंत्री का नहीं था। यह कार्यक्रम स्पीकर पद की गरिमा थी। हम संविधान की गरिमा बनाए रखें। हम कर्त्तव्य पथ पर चलते रहें।
  • महात्मा गांधी ने आजादी के आंदोलन में अधिकारों के लिए लड़ते हुए भी देश को कर्त्तव्यों के लिए तैयार करने की कोशिश की थी। वे स्वदेशी, आत्मनिर्भर भारत का विचार लाए थे। महात्मा गांधी देश को तैयार कर रहे थे। उन्होंने जो बीज बोए थे वे वटवृक्ष बन जाने चाहिए थे। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। अच्छा होता देश आजाद होने के बाद कर्त्तव्य पर बल दिया गया होता तो अधिकारों की अपने आप रक्षा होती। 
  • आज डॉ. अंबेडकर, राजेंद्र प्रसाद, पूज्य बापू को नमन करने का दिन है। आजादी के लिए जिन्होंने अपने आपको खपाया, उन सबको नमन करने का दिन है। आज 26/11 ऐसा दुखद दिन है। जब देश के दुश्मनों ने देश के भीतर आकर मुंबई में ऐसी आतंकवादी घटना को अंजाम दिया। भारत के संविधान में सूचित देश के सामान्य मानवीय की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत हमारे वीर जवानों ने आतंकियों से लोहा लेते-लेते सर्वोच्च बलिदान दिया। आज उन बलिदानियों को भी आदर पूर्वक नमन करता हूं। 

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