मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान कल्याण का जो संकल्प राज्य सरकार ने लिया है, उसकी पूर्ति के लिए हम निरंतर सक्रिय हैं। किसानों की हर समस्या का समाधान करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बुरहानपुर में मई और जून में मौसम की मार ने केले की फसल को बहुत नुकसान पहुंचाया। बुरहानपुर नगर, बुरहानपुर ग्रामीण, नेपानगर और खकनार तहसीलों के 188 गांवों के 8 हजार 115 किसानों की केले की फसल प्रभावित हुई है। संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार कंधे से कंधा मिलाकर किसानों के साथ खड़ी है। आज प्राकृतिक आपदा से प्रभावित जिले के 8 हजार से अधिक किसानों के खातों में 107 करोड़ 72 लाख रुपये से अधिक की राहत राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की जा रही है। यह राशि मुश्किल समय में किसानों को संबल देगी। जब तक किसानों के चेहरों पर दोबारा मुस्कान नहीं आ जाती, राज्य सरकार चैन से बैठने वाली नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को बुरहानपुर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को उज्जैन से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केले की पैदावर में हुए नुकसान के लिए किसानों के खातों में सिंगल क्लिक से मुआवजा राशि अंतरित की। बुरहानपुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद ज्ञानेश्वर पटेल, पूर्व मंत्री एवं विधायक अर्चना चिटनिस उपस्थित थीं। वीसी में बुरहानपुर से शामिल चिटनिस ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव को रक्षाबंधन पर बुरहानपुर से केले के रेशे से बनी राखी भेजी जाएगी।
बलराम कृषि महोत्सव में किसानों को सेवाओं के साथ सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को पवित्र श्रावण मास की बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स को निर्देशित किया कि श्रावण मास में प्रदेश में जहां-जहां से कांवड़ यात्रा निकलने वाली हैं, वहां कांवड़ियों के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित कर ली जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में कृषक कल्याण वर्ष 2026 में राज्य सरकार किसानों की समृद्धि, सम्मान और कल्याण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्यों को तेजी से पूरा कर रही हैं। उन्होंने आहवान किया कि किसान नई तकनीक को आत्मसात करें, प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और उद्यानिकी फसलों से अपनी आय बढ़ाएं। खेती से सभी प्रकार के उद्योगों के लिए कच्चा माल और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलते हैं। राज्य सरकार ने कृषक कल्याण वर्ष के माध्यम से किसानों को लाभान्वित करने के लिए 16 विभागों के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार की है। किसानों की समृद्धि, उनकी आय दोगुनी करने के लिए जिलास्तर पर बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। इसकी शुरुआत मां अहिल्याबाई होल्कर की धरती इंदौर से की थी।

