कमल नाथ ने नेता प्रतिपक्ष का पद छोड़ा, डा.गोविन्द सिंह नए नेता प्रतिपक्ष होंगे

भोपाल।  मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की दोहरी भूमिका निभा रहे पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने एक पद छोड़ दिया है। वे अब सिर्फ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहेंगे। नेता प्रतिपक्ष की बागडोर पार्टी ने वरिष्ठ विधायक डा गोविंद सिंह को सौंप दी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल द्वारा गुरूवार को जारी पत्र में कहा गया है कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कमल नाथ का इस्तीफा स्वीकार करते हुए वरिष्ठ विधायक डा.गोविन्द सिंह को नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया है। सिंह का प्रस्ताव कमल नाथ ने ही रखा था।

इस निर्णय से पार्टी ने यह भी साफ कर दिया है कि आगामी चुनाव में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र उसकी प्राथमिकता में रहेगा। ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़कर जाने के बाद से पार्टी दमदार चेहरे की तलाश में थी। डा.सिंह की छवि तेजतर्रार नेता की है और वे बिना लागलपेट के अपनी बात करने के लिए चर्चित हैं।

दो पदों पर रहने के कारण भाजपा भी हमेशा कमल नाथ पर निशाना साधती रही है। कमल नाथ ने भी कई मौकों पर यह बात कही कि उन्हें पद का लोभ नहीं है। पार्टी नेतृत्व ने उन्हें यह जिम्मेदारी दी है और जब कहा जाएगा तो बिना समय गंवाए पद छोड़ देंगे लेकिन मध्य प्रदेश में ही रहेंगे। पिछले दिनों संगठन और चुनाव की तैयारियों को लेकर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से हुई कई दौर की चर्चा के बाद उन्होंने नेता प्रतिपक्ष का पद छोड़ने का मन बनाया और इस्तीफा सौंप दिया, जिसे स्वीकार कर लिया गया।

सात बार के विधायक हैं डा गोविंद सिंह- मूल रूप से समाजवादी नेता डा.गोविन्द सिंह लगातार सात बार के विधायक हैं और मुख्य सचेतक पद की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।1990 में पहली बार भिंड जिले की लहार विधानसभा क्षेत्र से जनता दल की टिकट पर निर्वाचित हुए थे। इसके बाद वे कांग्रेस में आ गए। उधर, देर शाम डा.सिंह ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा के साथ पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ से उनके आवास पर मुलाकात की और आभार जताया।

चुनाव की तैयारियों में जुटेंगे कमल नाथ

कमल नाथ अब पूरी तरह से विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटेंगे। इसके लिए उन्हें विभिन्न् समितियां भी गठित कर दी हैं। जिला स्तर पर उनके बूथ, सेक्टर और मंडलम के पदाधिकारियों के साथ बैठकों का सिलसिला भी शुरू होने वाला है। एक मई को राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक भी बुलाई है।

दिग्विजय समर्थकों का बढ़ा प्रभाव

वहीं, संगठन में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के समर्थकों का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष विभा पटेल, युवा कांग्रेस अध्यक्ष डा.विक्रांत भूरिया को दिग्विजय का समर्थक माना जाता है। डा.गोविन्द सिंह भी उनके काफी नजदीकी माने जाते हैं।

कांग्रेस रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी- शिवराज

डा.गोविन्द सिंह को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि डा.सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस सदन में रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी और जन कल्याण के विषय पर सकारात्मक रहेगी। वहीं भाजपा नेता रजनीश अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस ने अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग की उपेक्षा कर एकबार फिर अपना सामंती चेहरा दिखाया है।

नावनियुक्त नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ उनके निवास पर जाकर मुलाक़ात की , उनका आभार माना। इस अवसर पर अरुण यादव , पूर्व मंत्री लाखन यादव , पीसी शर्मा भी उपस्थित थे।

अन्याय बर्दाश्त नहीं

नेता प्रतिपक्ष नियुक्त होने के बाद डा.गोविन्द सिंह ने कहा कि अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है पर अन्याय बर्दाश्त नहीं है। गलत तरीके से फंसाकर किसी के निर्माण पर बुलडोजर चला दिया जाए तो यह कानून के खिलाफ है। इसका विरोध होगा। महंगाई, बेरोजगारी, अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़ा वर्ग और महिलाओं पर अत्याचार की घटनाएं प्रदेश में बढ़ी हैं। किसान परेशान हैं। इन सभी मुद्दों को सदन से लेकर सड़क तक प्रमुखता से उठाया जाएगा। प्रदेश का दौरा भी जल्द करूंगा और हम सब मिलकर काम करेंगे।

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